National Film Awards: गुजरात में समारोह कराने पर भड़के राज ठाकरे, पूछा- महाराष्ट्र को क्यों नहीं चुना?

Thackeray National Film Statement: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह दिल्ली के बजाय गुजरात में आयोजित करने पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे दिल्ली व महाराष्ट्र का अपमान बताया।
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राज ठाकरे सोर्स- सोशल मीडिया
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Raj Thackeray MNS Attack National Film Awards: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के आयोजन स्थल को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

72 वर्षों के इतिहास में पहली बार यह समारोह दिल्ली के बजाय गुजरात के केवडिया में आयोजित किया जा रहा है। इस फैसले को लेकर ठाकरे ने कई सवाल उठाए हैं।

दिल्ली से केवडिया समारोह ले जाने पर सवाल

राज ठाकरे ने सवाल किया कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के लिए गुजरात के केवडिया को ही क्यों चुना गया।

उनका कहना है कि यदि समारोह का स्थान बदलना ही था, तो इसे दादासाहेब फाल्के की कर्मभूमि महाराष्ट्र राज्य या फिल्म निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दक्षिण भारतीय राज्यों में आयोजित किया जा सकता था।

ठाकरे ने आरोप लगाया कि मुंबई की आर्थिक महत्ता को नुकसान पहुंचाने के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली के प्रभाव को भी कम करने की कोशिश की जा रही है।

गुजरात को प्रोजेक्ट दिए जाने का आरोप

मनसे प्रमुख ने दावा किया कि कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट लगातार गुजरात की ओर स्थानांतरित किए जा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप फाइनल और गिफ्ट सिटी जैसे उदाहरण देते हुए इस प्रवृत्ति पर सवाल उठाया।

राज ठाकरे ने गुजराती समाज से भी अपील की कि वह सत्ता के बहकावे में न आए। उन्होंने कहा कि सत्ता बदलने के बाद देश के दूसरे राज्यों के नागरिक और नेता अपने-अपने क्षेत्रों के साथ हुए कथित अन्याय और नुकसान का हिसाब मांग सकते हैं।

कलाकारों और फिल्म उद्योग से विरोध की अपील

राज ठाकरे ने देश के कलाकारों और फिल्म उद्योग से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के आयोजन स्थल में बदलाव का विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पुरस्कार वितरण की वर्षों पुरानी परंपरा रही है और इसके साथ ऐतिहासिक तथा गरिमापूर्ण जुड़ाव रहा है।

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कलाकार और अलग-अलग राज्य इस फैसले के खिलाफ एकजुट नहीं हुए, तो आने वाले समय में क्षेत्रीय पहचान और अस्मिता से जुड़े सवाल और गहरे हो सकते हैं।

आयोजन स्थल को लेकर सियासत तेज

केवडिया में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के आयोजन ने अब राजनीतिक बहस का रूप ले लिया है। राज ठाकरे के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है।

विधायक अमित ठाकरे का हमला

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भी कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार हर चीज गुजरात ले जाना चाहती है। चाहे वह ओलंपिक खेल हो या क्रिकेट मैच। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार गुजरात के लिए है या पूरे देश के लिए।

आदित्य ने कहा कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र, तेल रिफाइनरी परियोजना और डेटा सेंटर जैसे प्रोजेक्ट गुजरात ले जाए जाने चाहिए और अच्छे प्रोजेक्ट या पहल महाराष्ट्र में लाई जानी चाहिए। - आदित्य ठाकरे ने कहा, गुजरात ले जाने के लिए अब केवल राष्ट्रपति भवन ही बचा है।

देश की राजधानी दिल्ली में होना चाहिए आयोजन

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह देश की राजधानी होने के कारण नई दिल्ली में ही आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रिकेट विश्व कप के मुकाबलों और विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के दौरों समेत कई अहम कार्यक्रम गुजरात में आयोजित किए जा रहे है। सुले ने कहा कि इससे दिल्ली और मुंबई के महत्व को कम करने की कोशिश हो सकती है।

हिंदी-मराठी दोनों महत्वपूर्ण : सांसद सुप्रिया सुले

भाषाओं के मुद्दे पर सुले ने कहा कि मराठी और हिंदी दोनों महत्वपूर्ण हैं और लोगों को जितनी भाषाएं सीखनी हों, सीखनी चाहिए। मराठी और हिंदी दोनों हमारी भाषाएं है और लोगों को दोनों का ज्ञान होना चाहिए। अधिक भाषाएं सीखना अच्छी बात है।

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