

CJI Surya Kant Supreme Court: देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन केंद्र सरकार को हंटर लगाया। जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने वाली बालिका, जिसके पिता का सिर फोड़ा गया था, को डराने के मामले में सुको ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मासूम को डराया जा रहा और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में दोषियों को तुरंत जेल में बंद किया जाए। जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े एक मामले में एक दिन पहले ही सुको ने एक छात्र को नोटिस देने पर सरकार को हड़काया था।
सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच ने एसजी तुषार मेहता से कहा कि बच्ची की एफआईआर पर कार्रवाई और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। कोर्ट ने दिल्ली और यूपी सरकार से इस कार्रवाई पर रिपोर्ट भी मांगी है।
अदालत ने संकेत दिया कि यदि किसी नाबालिग को न्याय पाने से रोकने की कोशिश की गई है तो संबंधित एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने एसजी से कहा कि हम चाहते हैं कि एफआईआर पर तुरंत एक्शन लिया जाए और यूपी पुलिस पीड़ित और परिवार को प्रोटेक्शन दे।
एसएफआई नेता अक्षत त्रिपाठी को नोटिस जारी करने वाले एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को सस्पेंड कर दिया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस बात की जानकारी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को दी।
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान बच्ची के पिता पर हमला हुआ था। इस मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेज दिया गया है। बच्ची और उसके पिता का आरोप है कि इसी मामले में उन्हें डराया धमकाया जा रहा है। कोर्ट ने इसी मामले पर यह टिप्पणी की है।
बालिका की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि उसने एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसने एक वीडियो में दावा किया था कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान उसने लड़की के पिता पर हमला किया था।
इसके बाद लड़की को कथित तौर पर परेशान किया गया और उसके घर में तोड़फोड़ की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में आरोपी का कथित तौर पर साथ देने वाले और कैमरे में रिकॉर्ड हुए लोगों पर कार्रवाई करने की बजाय बच्ची के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।
वकील ने अदालत में एक वीडियो पेश करने की बात कही, जिसमें कथित तौर पर लड़की के घर पर पथराव दिखता है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति की जांच में समय लग सकता है, लेकिन इस दौरान बच्ची की सुरक्षा को लेकर कोई घटना हुई तो उसकी भरपाई बाद में संभव नहीं होगी।