नारायण राणे (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Narayan Rane ने दिए संन्यास के संकेत, बोले-अब घर पर बैठकर परिवार का काम देखूंगा

Maharashtra Politics News: भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद नारायण राणे ने राजनीति से दूरी के संकेत दिए हैं। सिंधुदुर्ग में उन्होंने कहा कि अब वे घर पर रहकर परिवार और व्यवसाय पर ध्यान देंगे।

अपूर्वा नायक

Narayan Rane Retirement News: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद नारायण राणे ने सक्रिय राजनीति से हटने के संकेत देकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

रविवार को सिंधुदुर्ग में आयोजित एक अभिनंदन समारोह में नारायण राणे ने कहा कि उन्होंने अब घर पर बैठने और अपने परिवार के व्यापारिक हितों पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है।

73 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा राजनीति साजिशों से भरी हो चुकी है, जिसने उनके सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाने के संकल्प को और मजबूत किया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “अब मैंने घर पर बैठने का फैसला किया है। मैं चाहता हूं कि मेरे दोनों बेटे संतुष्ट और जिम्मेदार जीवन जिएं।”

बेटों को सौंपा राजनीतिक भविष्य

राणे ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बाद विकास की राजनीति को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उनके बेटे निभाएंगे। उन्होंने कहा कि नीलेश राणे और राज्य के मंत्री नितेश राणे आने वाले समय में इस राजनीतिक विरासत को आगे ले जाएंगे।

लंबे राजनीतिक सफर के बाद बड़ा संकेत

नारायण राणे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब महाराष्ट्र की राजनीति लगातार उतार-चढ़ाव से गुजर रही है। शिवसेना, कांग्रेस और भाजपा में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभा चुके राणे के इस संकेत को राजनीतिक संन्यास की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि राणे ने औपचारिक रूप से राजनीति छोड़ने की घोषणा नहीं की है, लेकिन उनके बयान से यह साफ है कि वे अब सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने के मूड में हैं।

इस्लाम में बुर्का नहीं, पर्दा जरूरी! इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब फैसले पर प्यारे खान का बड़ा बयान

अखिलेश के दावे इमरान मसूद का जवाब, बोले- राहुल गांधी और BJP के बीच असली लड़ाई, बाकी सब सहयोगी

जापान दौरे पर पीयूष गोयल का मेगा निवेश मिशन, टोयोटा-SMBC समेत दिग्गज कंपनियों से भारत में निवेश पर बड़ी चर्चा

Explainer: जिनपिंग के भारत आने पर क्यों छाया सस्पेंस? पहले भी दे चुके हैं धोखा, इस बार क्या है बीजिंग का इरादा

JPSC भर्ती घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा! 12 लाख में बिकती थीं CDPO सीटें, CID के सामने अभय तिवारी का कबूलनामा