Mumbai Water Crisis Master Plan News: मुंबई पर जल संकट का साया दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है और इसका तीखा असर सोमवार को बीएमसी के सदन में देखने को मिला। मानसून की शुरुआत के बावजूद मुंबईवासियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को जमकर घेरा।
भविष्य में गंभीर जल संकट से बचने के लिए मुंबई के जल स्रोतों के संरक्षण के लिए एक स्वतंत्र 'मास्टर प्लान' तैयार करने तथा शहर की बंद पड़ी सभी बोरवेलों का पुनर्जीवन करने की जोरदार मांग की गई। भाजपा के नगरसेवक एवं सदन के नेता गणेश खणकर ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस प्रस्ताव पर मुंबई के विभिन्न वाडों के 30 से अधिक नगरसेवकों ने हस्ताक्षर कर अपने-अपने क्षेत्रों में व्याप्त जल संकट की वास्तविक स्थिति से प्रशासन को अवगत कराया। प्रस्ताव में पेयजल का गैर-जरूरी कार्यों में होने वाला दुरुपयोग तत्काल रोकने की मांग की गई। नगरसेवकों ने कहा कि बाग-बगीचों की सिंचाई, सड़कों की धुलाई और वाहनों की सफाई के लिए पेयजल का उपयोग तुरंत बंद किया जाए।
इसके अलावा शहर के पारंपरिक तालाबों और जलाशयों से गाद निकालकर उनकी जल भंडारण क्षमता बढ़ाई जाए तथा सभी बोरवेलों का तत्काल ऑडिट कर उनके लिए 'रिचार्ज प्लान' तैयार किया जाए, चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने वाडों में बढ़ती पानी संबंधी शिकायतों पर गंभीर चिंता जताई।
भाजपा नगरसेविका रीता मकवाना ने कहा कि पानी पाइपलाइनों में लीकेज के कारण पेयजल दूषित हो रहा है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने मांग की कि बंद पड़ी बोरवेलों को पुनर्जीवित कर जल शुद्धिकरण की व्यवस्था के साथ नागरिकों को पानी उपलब्ध कराया जाए। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नगरसेविका सईदा खान ने जल वितरण और उसकी निगरानी के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने का सुझाव दिया।
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