रेलवे स्टेशन पर पानी पीते लोग (फोटो नवभारत)
मुंबई

मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर दूषित पानी! CAG रिपोर्ट के बाद मचा हड़कंप, रेल मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

E. Coli Bacteria In Drinking Water: CAG रिपोर्ट में मुंबई समेत कई रेलवे स्टेशनों के पेयजल में E. Coli बैक्टीरिया मिला। रेलमंत्री ने 20 हजार स्थानों पर 'टैंक टू टैप' सिस्टम लगाने के निर्देश दिए।

सूर्यप्रकाश मिश्र, आलोक उमाकृष्ण

Mumbai Railway Stations Drinking Water: रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे में हड़कंप मच गया है।

रिपोर्ट में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे के विभिन्न जोन को सख्त निर्देश जारी किया है।

ई कोलाई बैक्टीरिया

बताया गया कि मुंबई सहित देश के सैकड़ों रेलवे स्टेशनों पर पेयजल में ई कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है,जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मुंबई में देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन सीएसएमटी के साथ ठाणे कल्याण, भिवंडी, लोनावला सहित देश के अन्य रेलवे जोन में गैर उपनगरीय स्टेशनों पर पानी के नमूनों की जांच की गई। पानी के अलावा स्टेशनों के स्वच्छता गृहों में भी अस्वच्छता पाई गई।

इस मामले में सीएजी की रिपोर्ट संसद में रखे जाने के बाद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ (CRB & CEO) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक के बाद सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश रेलमंत्री ने दिए हैं।

20,000 स्थानों पर नया टैंक टू टैप

रेलवे ने देशभर में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत वाटर कूलरों समेत करीब 20,000 स्थानों पर नया 'टैंक टू टैप’'जल फिल्टरेशन सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पानी की टंकी से लेकर यात्रियों तक पहुंचने वाले आउटलेट तक पानी की गुणवत्ता की निगरानी और उसे सुरक्षित बनाए रखना है।

इसके साथ ही पूरे रेलवे नेटवर्क में व्यापक जल फिल्टरेशन और निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। जहां आवश्यक होगा, वहां पुरानी या अनुपयुक्त पानी की टंकियों को बदला जाएगा। रेलवे ने जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य

नए प्रबंध के तहत पानी के स्रोत और आउटलेट दोनों स्थानों पर नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही जल गुणवत्ता की जानकारी और कार्रवाई की प्रक्रिया को केंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, ताकि किसी भी कमी की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जा सके।

खासतौर पर मुंबई जैसे व्यस्त महानगरीय रेल नेटवर्क में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था को लेकर इन कदमों को अहम माना जा रहा है।

व्यापक अभियान

रेलवे की स्टोरेज टंकियों की समय पर सफाई और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन व्यवस्थाओं की निगरानी रेलवे बोर्ड स्तर से सीधे की जाएगी।

रेलवे के मुताबिक, यह कार्रवाई CAG की रिपोर्ट में सामने आई सभी कमियों को दूर करने और यात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।

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