मुंबई ऑटो रिक्शा ड्राइवर (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Marathi Language Rule: ऑटो चालकों पर मराठी अनिवार्यता लागू, विरोध के बीच सरकार और मनसे आमने-सामने

मुंबई में Marathi Language Rule को लेकर विवाद गहरा गया है। मनसे ने ‘मी मराठी बोलतो’ अभियान शुरू कर ऑटो चालकों को जोड़ना शुरू किया, जबकि नए नियमों से गैर-मराठी ड्राइवरों में असंतोष बढ़ रहा है।

अपूर्वा नायक

Mumbai Marathi Language Rule For Auto Drivers: मराठी भाषा को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। मराठी अनिवार्यता का विरोध करने वाले रिक्शा चालकों के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है।

मनसे की ओर से मराठी रिक्शा चालकों को एकजुट करने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। Marathi Language Rule के तहत अब मराठी रिक्शा चालकों के ऑटो पर 'मी मराठी बोलतो' (मैं मराठी बोलता हूं) और 'मला मराठी समजते' (मुझे मराठी समझ में आती है) जैसे पोस्टर लगाए जा रहे हैं।

मनसे की वाहतूक सेना ने इस मुहिम की शुरुआत गोरेगांव पूर्व स्टेशन परिसर से की। स्टेशन के आसपास खड़े कई ऑटो रिक्शा पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पोस्टर चिपकाए।

क्या है आदेश और क्यों है विवाद?

महाराष्ट्र परिवहन विभाग के नए नियमों के अनुसार, जो चालक मराठी भाषा की परीक्षा में विफल होंगे, उनके लाइसेंस और परमिट रद्द किए जा सकते हैं। इसको लेकर महाराष्ट्र भर में ऑटो और टैक्सी चालकों में भारी रोष है। यूनियन का दावा है कि मुंबई महानगर क्षेत्र के लगभग 70% ड्राइवर हिंदी भाषी है, और इस नियम से लाखों लोगों की रोजी-रोटी छिनने का खतरा पैदा हो गया है।

यह अभियान गोरेगांव तक नहीं, बल्कि पूरी मुंबई में चलेगा

मनसे की मुंबई इकाई के अध्यक्ष संदीप देशपांडे ने कहा कि उनकी परिवहन इकाई ने मुबई में ऑटो रिक्शा पर ऐसे स्टिकर लगाना शुरू कर दिया है, अब समय आ गया है कि उन घमंडी ऑटो चालकों को सबक सिखाया जाए, जो कहते हैं कि वे मराठी में बात नहीं करेंगे।

मनसे वाहतुक नेता संजय नाईक का कहना है कि यह उपक्रम केवल गोरेगांव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे मुंबई शहर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मराठी भाषा को सम्मान दिलाने और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

इस बीच परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा जारी मराठी अनिवार्यता संबंधी आदेश का मनसे ने स्वागत किया है। पार्टी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जो लोग इस अभियान का विरोध करेंगे, उन्हें मनसे की ओर से जवाब दिया जाएगा।

मराठी सिखाने के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करेगी सरकार

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि सरकार राज्य में ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने के लिए एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेगी। यह कदम एक मई से उनके लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के निर्णय के तहत उठाया गया है।

सरकार ने महाराष्ट्र दिवस (1 मई) से इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिसके तहत ऑटो, टैक्सी और ओला, उबर तथा ई-बाइक जैसी ऐप आधारित सेवाओं के चालकों के लिए यात्रियों से मराठी में संवाद करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत गैर-मराठी चालकों को भाषा सिखाने के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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