Ferry Breaks Down Passengers Rescued Safely: मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अरब सागर में 38 लोगों को लेकर जा रही ‘अनवारी’ नाम की फेरी बोट अचानक तकनीकी खराबी के कारण समुद्र के बीच बंद हो गई। बोट में 34 यात्री और चार क्रू मेंबर सवार थे।
जानकारी के अनुसार, यह फेरी गेटवे ऑफ इंडिया से करीब आधे घंटे की समुद्री सैर कराती है। गुरुवार रात करीब 8.30 बजे सैर पूरी करने के बाद बोट गेटवे ऑफ इंडिया जेट्टी की ओर लौट रही थी। इसी दौरान गेटवे से करीब 1.5 नॉटिकल मील दूर समुद्र में अचानक इंजन में खराबी आ गई और बोट ने काम करना बंद कर दिया।
समुद्र के बीच फेरी रुकने से यात्रियों में घबराहट का माहौल बन गया। हालांकि क्रू मेंबर ने बिना देरी किए कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी, जिससे राहत और बचाव की कार्रवाई तुरंत शुरू की जा सकी।
फेरी में तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेने के साथ आसपास मौजूद फेरी ऑपरेटरों को भी अलर्ट किया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द से जल्द मदद पहुंचाने के प्रयास शुरू किए गए।
कुछ ही मिनटों में एक दूसरी रेस्क्यू फेरी बोट मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू टीम ने खराब हुई ‘अनवारी’ फेरी को रस्सी की मदद से दूसरी बोट से बांधा और उसे खींचते हुए गेटवे ऑफ इंडिया जेट्टी की ओर ले जाना शुरू किया। समुद्र में रात के समय चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस, फेरी ऑपरेटर और फेरी के क्रू मेंबर के बीच लगातार समन्वय बना रहा।
बेहतर तालमेल और तेजी से उठाए गए कदमों के चलते बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी प्रक्रिया के दौरान विशेष सावधानी बरती गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद फेरी में सवार सभी 34 यात्रियों और चार क्रू मेंबरों को सुरक्षित गेटवे ऑफ इंडिया जेट्टी पर वापस लाया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई। सभी यात्रियों को पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है।
मुंबई पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में फेरी के इंजन में तकनीकी खराबी सामने आई है। हालांकि यह स्पष्ट करने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है कि इंजन में खराबी किस वजह से आई और समुद्री यात्रा से पहले फेरी की तकनीकी स्थिति कैसी थी।
पुलिस और संबंधित विभाग फेरी के फिटनेस प्रमाणपत्र, सुरक्षा मानकों और अन्य जरूरी पहलुओं की भी जांच करेंगे। घटना ने एक बार फिर समुद्री यात्री परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था और नियमित तकनीकी जांच की अहमियत को सामने ला दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।