Mumbai Battery Swapping Station: इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग के बीच सबसे बड़ी चुनौती रही है बैटरी चार्जिंग की सीमित सुविधा। इसी कमी को दूर करने के लिए मुंबई में रेलवे और मेट्रो नेटवर्क अब बैटरी स्वैपिंग की दिशा में बड़ा कदम उठा रहे हैं।
मध्य रेलवे ने लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) के बाहर पहला ई-स्वैप बैटरी स्टेशन स्थापित कर दिया है, जिसे जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद कांजुरमार्ग में दूसरा स्टेशन अंतिम चरण में है। पांच साल की अवधि के लिए जारी इस टेंडर का जिम्मा इंडो फास्ट एसजी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है। कंपनी रेलवे को 4.05 लाख रुपये लाइसेंस फीस चुकाएगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से दोहरा लाभ मिलेगा। एक तरफ इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को सुविधा, वहीं दूसरी तरफ रेलवे को नॉन-फेयर रेवेन्यू भी प्राप्त होगा।
मध्य रेलवे के बाद अब पश्चिम रेलवे भी इस योजना को अपनाने जा रहा है। मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर बैटरी स्वैपिंग यूनिट लगाने की मंजूरी मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
| स्थान / विभाग | यूनिट की संख्या | स्थिति / प्रगति |
|---|---|---|
| LTT (मध्य रेलवे) | 01 | पहला स्टेशन स्थापित, जल्द शुरू |
| कांजुरमार्ग (सीआर) | 01 | अंतिम चरण में |
| मुंबई सेंट्रल (WR) | 01 | मंजूरी, टेंडर प्रक्रिया शुरू |
| मेट्रो स्टेशन | 35 | योजना स्वीकृत, दहिसर पर शुरू |
| मोनोरेल स्टेशन | 06 | योजना घोषित |
| मेट्रो-3 चुनिंदा स्टेशन | - | स्थापना प्रक्रिया जारी |
ई-स्वैप तकनीक से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ता अपनी खत्म हो चुकी बैटरी को केवल 2 मिनट से भी कम समय में पूरी तरह चार्ज बैटरी से बदल सकेंगे। यह प्रणाली खासतौर पर डिलीवरी एजेंट्स और फ्लोट ऑपरेटरों के लिए वरदान साबित होगी। सभी यूनिट्स सुरक्षा और पर्यावरण मानकों के अनुरूप स्थापित की जा रही हैं।
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) की सहायक कंपनी एमएमओएससीएल ने भी हाल ही में घोषणा की है कि मुंबई के 35 मेट्रो और 6 मोनोरेल स्टेशनों पर बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। दहिसर मेट्रो स्टेशन पर पहला यूनिट पहले ही शुरू हो चुका है।
मेट्रो-3 के चुनिंदा स्टेशनों पर भी ई-स्वैप सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।यह पहल न केवल ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और शून्य-कार्बन उत्सर्जन की दिशा में मुंबई को आगे ले जाएगी।