मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

Mumbai Coastal Road पर बनेगा अत्याधुनिक हेलीपैड, आपातकालीन सेवाओं और एयर एम्बुलेंस को मिलेगी रफ्तार

Advanced Heli Pad In Mumbai: मुंबई कोस्टल रोड पर अत्याधुनिक हेलीपैड बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इससे गंभीर मरीजों की एयर एम्बुलेंस सेवा, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी मदद मिलेगी।

अपूर्वा नायक

Mumbai Coastal Road Heli Pad Project: मुंबई कोस्टल रोड पर एक अत्याधुनिक हेलीपैड बनाया जाएगा। इससे दक्षिण मुंबई में आपात स्थितियों से निपटने में बहुत बड़ी राहत मिलेगी। न केवल गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बल्कि सुरक्षा दलों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

मुंबई कोस्टल रोड से एयर ट्रांसपोर्ट को जोड़कर मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट बनाने की तैयारी चल रही है। हेलीपैड का इस्तेमाल मरीजों को तुरंत हॉस्पिटल ले जाने के लिए प्राथमिकता के तौर पर किया जाएगा। मुंबई में कई बड़े अस्पताल हैं।

गंभीर मरीजों को लाने-ले जाने के लिए अक्सर एयर एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है। एयर एम्बुलेंस को मुंबई हवाई अड्डे पर उतारना पड़ता है और मरीजों को अस्पताल ले जाना पड़ता है। दक्षिण मुंबई में हेलीपैड बन जाता है, तो गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट करके फौरन अस्पतालों में पहुंचाया जा सकेगा।

यह कोस्टल पुलिस, सुरक्षा बलों और आपदा प्रबंधन के लिए भी फायदेमंद होगा। इसी तरह वीआईपी व्यक्तियों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। वर्तमान में वीआईपी लोगों के आने-जाने के लिए महालक्ष्मी रेसकोर्स के हेलीपैड का उपयोग किया जाता है। कोस्टल रोड पर हेलीपैड बनने से वहां का दबाव कम हो जाएगा।

दो कंपनियों ने दिखाई रुचि

राज्य सरकार ने भी इस पर सहमति जताई है। इस हेलीपैड को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के सभी सुरक्षा मापदंडों के हिसाब से तैयार किया जाएगा। बीएमसी ने प्रस्तावित हेलीपैड के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए हैं। इसमें दो कंपनियों रेमंड और जिंदल ने रूचि दिखाई है। ठेके की सेवा व शर्तें पूरी करने वाली कंपनी को चुना जाएगा। इसके बाद हेलीपैड के काम का जिम्मा चयनित कंपनी को सौंपा जाएगा। हेलीपैड के निर्माण, रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी चयनित कंपनी पर होगी।

नरीमन प्वाइंट से दहिसर तक कोस्टल रोड

कोस्टल रोड परियोजना को मुंबई के दक्षिणी सिरे नरीमन पॉइंट से उत्तरी सिरे दहिसर तक तेजी से पहुंचाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। मरीन ड्राइव से वर्ली-बांद्रा सी लिंक के आखिर तक 10।58 किलोमीटर का पहला चरण यातायात के लिए खोल दिया गया है। बांद्रा से वर्सोवा और वर्सोवा से दहिसर तक कोस्टल रोड का काम चल रहा है।

शुरुआत में 5 साल के लिए दिया जा सकता है ठेका

बीएमसी अधिकारियों के अनुसार हेलीपैड संचालन का ठेका शुरुआती पांच साल के लिए दिया जा सकता है। ठेकेदार कंपनी को एक तय मासिक लाइसेंस फीस और हर लैंडिंग से होने वाली इनकम का कुछ हिस्सा देना होगा। कोस्टल रोड से एयर ट्रांसपोर्ट को जोड़कर मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी देने की कोशिश की जा रही है।

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