मध्य रेलवे की तकनीकी खराबी से 200 से ज्यादा लोकल ट्रेनें रद्द, सेवाएं घंटों बाधित।
भांडुप में 21 वर्षीय युवक की मौत, घाटकोपर-विक्रोली के बीच दो शव मिले।
ठाणे-मुलुंड ओवरहेड वायर खराबी और कांजुरमार्ग में आग से सिग्नल सिस्टम ठप।
लोकल में देरी से यात्रियों के साथ सोमैया कॉलेज की परीक्षाएं भी प्रभावित।
मरम्मत के बाद मंगलवार सुबह से सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद।
Mumbai Local Trains Cancelled List: मुंबई मध्य रेलवे की लोकल सेवाएं बाधित होने के बीच सोमवार को तीन अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। भांडुप स्टेशन पर एसी लोकल की चपेट में आने से 21 वर्षीय साहिल थिटे की मौत हो गई। वहीं, घाटकोपर और विक्रोली स्टेशनों के बीच दो शव मिले। इसके अलावा लोकल ट्रेनों में देरी के कारण पटरियों पर पैदल चल रहे दो लोग घायल हो गए।
मुलुंड के अमर नगर निवासी साहिल थिटे (21) भांडुप नाइट हाईस्कूल एंड जूनियर कॉलेज में पढ़ता था। सोमवार को भांडुप स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 4 से प्लेटफॉर्म 2 पर जाने के लिए उसने पटरियां पार करने की कोशिश की। सीएसएमटी से कल्याण जा रही एसी लोकल की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। घाटकोपर-विक्रोली के बीच 2 शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतकों का नाम राहुल राजभर व खरबान राजभर है। दोनों यूपी के निवासी हैं। मोटरमैन की नजर शवों पर पड़ने के बाद घटना सामने आई।
लोकल में देरी के बीच पटरियों पर चल रहे दो लोग घायल हो गए। दोनों को राजावाड़ी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। ठाणे-मुलुंड के बीच ओवरहेड वायर टूटने और कांजुरमार्ग के रिले रूम में अचानक आग लगने से यात्रियों पर तकनीकी खराबी की ऐसी दोहरी मार पड़ी कि भांडुप से विक्रोली तक छह लाइनों का सिग्नल सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया। सिग्नल गुल होते ही दिनभर में 200 से अधिक लोकल ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं।
सोमवार को ठाणे शहर और मुलुंड के बीच डाउन स्लो लाइन की ओवरहेड वायर पर केबल गिर गई, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इस खराबी को ठीक किया ही जा रहा था कि कांजुरमार्ग की दूसरी घटना ने मुश्किलें और बढ़ा दीं। कांजुरमार्ग स्थित रिले रूम से धुआं निकल रहा है। रिले रूम में आग लग चुकी थी। 6 लाइनों की सिग्नल बंद हो गई।
ट्रेनों के रद्द और लेट होने से कल्याण, दिवा, ठाणे, घाटकोपर और विक्रोली स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी दो-तीन घंटे बोगियों में फंसे बेबस यात्रियों ने पटरियों पर पैदल चलकर या सड़क मार्ग से सफर पूरा किया। इस अफरा-तफरी के बीच कुछ लोग पटरियों पर जान जोखिम में डालकर सेल्फी लेते भी नजर आए।
दोहरी तकनीकी खराबी के चलते बेपटरी हुई सेंट्रल रेलवे की लोकल सेवाएं मंगलवार की सुबह से पूरी तरह सामान्य रूप से चलेंगी, रेलवे प्रशासन के अनुसार ठाणे-मुलुंड के बीच ओवरहेड वायर और कांजुरमार्ग रिले रूम में लगी आग के कारण क्षतिग्रस्त हुई सिग्नल प्रणाली की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है।
देर शाम तक डाउन और अप की दोनों फास्ट व स्लो लाइनों को सुरक्षित घोषित कर यातायात बहाल कर दिया गया था। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि रातभर मेंटेनेंस और ट्रैक की सघन जांच पूरी कर ली जाएगी।
कांजुरमार्ग रिले रूम में आग लगने की वजहों की पड़ताल के लिए सेंट्रल रेलवे ने वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति बनाई है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका है। हालांकि, स्पष्ट कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।डॉ. स्वप्निल नीला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, सेंट्रल रेलवे
ट्रेन सेवाएं बाधित होने का असर सोमैया कॉलेज में चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं पर भी देखने को मिला। रेल सेवाओं में रुकावट के कारण कई छात्र परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाए, जिससे उनकी परीक्षा छूट गई विद्यार्थियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए कॉलेज प्रशासन ने अलग-अलग विभागों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, सोमैया कॉलेज के साइंस और कॉमर्स विभाग में सोमवार को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
सुबह 9.23 बजे : ठाणे-मुलुंड के बीच ओवरहेड वायर में खराबी।
सुबह 9.30 बजे: कांजुरमार्ग रिले रूम में आग, छह लाइनों पर सिग्नल ठप।
सुबह 10.00 से 10.48 बजे ओवरहेड वायर दुरुस्त करने के लिए ब्लॉक।
दिनभर का असर: 200 से अधिक लोकल रद्द, सैकड़ों ट्रेनें घंटों लेट।
दोपहर 4.10 बजे डाउन फास्ट लाइन पर सेवा बहाल।
दोपहर 4.46 बजे अप फास्ट लाइन पर सेवा बहाल।
शाम 5.30 बजे डाउन स्लो लाइन पर सेवा बहाल।
शाम 6.18 बजे अप स्लो लाइन पर सेवा बहाल।
दुर्घटना भांडुप में पटरी पार करते समय लोकल की चपेट में आने से एक की मौत।
मुख्य लाइन की खराबी के कारण मोटरमैन समय पर सीएसएमटी नहीं पहुंच सके। शाम के पीक आवर्स की सेवाएं बचाने के लिए रेलवे ने दोपहर में हार्बर की 12 लोकल रद्द कर दी, जबकि कई ट्रेनें 20-30 मिनट लेट रहीं। इससे पनवेल, बांद्रा, गोरेगांव और वाशी रूट के यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
'अक्टूबर हीट' ने यात्रियों को बेहाल कर दिया, खचाखच भरी बोगियों में लगातार तीन घंटे फंसे रहने से कई लोगों का दम घुटने लगा। मुंबई ट्रेनों में पीने का पानी तक उपलब्ध न होने से यात्री प्यास से तड़प उठे।
ठाणे से कुर्ता का सफर महज 20 मिनट का है, लेकिन आज तीन घंटे तक बोगी में फंसे रहे। पसीने से पूरे कपड़े भीग गए और पीने के लिए पानी तक नहीं था। रेलवे ने हमें जानवरों की तरह डिब्बों में बंद कर दिया। किसी तरह हम निकले।निलेश पाटिल, यात्री (ठाणे)
मुझे अस्थमा) की बीमारी है। भारी भीड़ और घुटन के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया था। हमारे सामने एक महिला चक्कर खाकर गिर पड़ी। यात्रियों की मदद के लिए रेलवे की कोई आपातकालीन व्यवस्था नहीं थी। आखिर हमारे जीवन के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों किया जाता है?सीमा कदम, यात्री (डोंबिवली)