BRICS Parliamentary Forum 2026: ब्रिक्स फोरम में बिरला का संदेश, चर्चाओं से नहीं ठोस नतीजों से तय होगी सफलता

BRICS Parliamentary Forum 2026: ब्रिक्स संसदीय फोरम 2026 में ओम बिरला ने जन-केंद्रित विकास, वैश्विक शांति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए संसदों को सशक्त बनाने की जरूरत बताई।
Om Birla BRICS Parliamentary Forum 2026
ओम बिरला ब्रिक्स संसदीय फोरम 2026सोर्स-सोशल मीडिया
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Highlights:

  • ब्रिक्स की सफलता ठोस परिणामों से तय होगी: ओम बिरला।

  • वैश्विक शांति और सहयोग के लिए संसदों की अहम भूमिका।

  • जन-केंद्रित विकास, युवा सशक्तीकरण और पर्यावरण पर जोर।

Om Birla BRICS Parliamentary Forum: नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम 2026 में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जन-केंद्रित विकास और वैश्विक शांति को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की सफलता केवल चर्चाओं से नहीं, बल्कि उनसे निकलने वाले ठोस परिणामों से तय होगी।

बिरला ने सदस्य देशों की संसदों से अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और साझा प्रतिबद्धताओं को प्रभावी नीतियों में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए संवाद, कूटनीति और आपसी विश्वास जरूरी हैं। साथ ही उन्होंने युवा सशक्तीकरण और सतत विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।

लोकसभा अध्यक्ष ने क्या कहा?

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन में संयुक्त वक्तव्य को सर्वसम्मति से मंजूरी मिलना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब जरूरत इन प्रतिबद्धताओं को ठोस परिणामों में बदलने की है। उन्होंने कहा कि कानून निर्माण, बजट, विचार-विमर्श और निगरानी के माध्यम से संसदें साझा उद्देश्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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वैश्विक शांति के लिए सहयोग जरूरी

ओम बिरला ने कहा कि दुनिया इस समय क्षेत्रीय संघर्षों, युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, व्यापारिक तनाव, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल संवाद, कूटनीति और आपसी सहयोग से संभव है। संसदें विभिन्न देशों के बीच विश्वास मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों का शांतिपूर्ण समाधान खोजने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने पर जोर

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का उद्देश्य ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाना है। इसके लिए साझा आकांक्षाओं को ठोस नीतियों और व्यावहारिक सहयोग में बदलना जरूरी है। इस वर्ष संसदीय फोरम का विषय 'जन-केंद्रित विकास हेतु संसदों को सुदृढ़ बनाना' है। दो दिवसीय मंच पर लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

युवा और सतत विकास को प्राथमिकता

लोकसभा अध्यक्ष ने विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि विकास नीतियों में पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं को समझने, उनकी प्रतिभा को उचित अवसर देने और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर भी जोर दिया।

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ब्रिक्स की सफलता ठोस नतीजों से तय होगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रिक्स को 'समाधानों का इकोसिस्टम' बनाने के विचार का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि सदस्य देशों को संवाद को ठोस सहयोग और आपसी समझ को विश्वास में बदलना चाहिए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मंच अधिक समावेशी, शांतिपूर्ण और सतत विश्व के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भी संबोधन दिया। जबकि लोकसभा के महासचिव ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।

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