कर्जत टोरेंट पावर प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, विरोध में उतरे ठाकरे बंधु, सत्ता और विपक्ष में छिड़ी जुबानी जंग

Raigad Karjat Torrent: रायगढ़ जिले के कर्जत में टोरेंट पावर की 3,000 मेगावाट जलविद्युत परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर सियासी घमासान मचा है। विपक्ष के आरोपों पर सीएम फडणवीस ने पलटवार किया।
Controversy over tree felling for Torrent Power’s 3,000 MW project in Karjat
केशव उपाध्ये, राज ठाकरे , आदित्य ठाकरे सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • कर्जत में टोरेंट पावर की 3,000 मेगावाट परियोजना को लेकर पेड़ कटाई पर विवाद।

  • फडणवीस ने परियोजना को स्वच्छ ऊर्जा के लिए जरूरी बताया, विपक्ष ने उठाए पर्यावरणीय सवाल।

  • मनसे का दावा: अब तक 2,750 पेड़ कटे; राज ठाकरे आज जनसभा करेंगे।

Raigad Karjat Torrent Power Hydro Project: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले की कर्जत तहसील में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर क्षेत्र के आसपास पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा है।

ठाकरे बंधुओं ने परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव पर सवाल उठाए हैं, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे राज्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

13,505 करोड़ रुपये की परियोजना का सरकार ने किया बचाव

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, 3,000 मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना में 13,505 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता बढ़ी है, लेकिन शाम के समय सौर ऊर्जा उपलब्ध नहीं होने से बिजली की मांग पूरी करना चुनौती बन जाता है।

फडणवीस का कहना है कि शाम के व्यस्त समय में बिजली की मांग पूरी करने के लिए कोयला आधारित उत्पादन पर निर्भरता बढ़ाने के बजाय जलविद्युत परियोजना मददगार साबित हो सकती है। उनके मुताबिक, इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बिजली की अधिकतम मांग पूरी करने में सहायता मिलेगी।

आदित्य ठाकरे ने पेड़ों की कटाई पर जताई आपत्ति

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को कर्जत का दौरा कर स्थानीय लोगों से बातचीत की और पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि पेड़ों की कटाई की अनुमति किसने दी, पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कैसे किया गया और नए पेड़ लगाने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है या नहीं।

विपक्ष का आरोप है कि परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये ने विपक्ष पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि परियोजना के लिए आवश्यक अनुमतियां 18 महीने की कानूनी प्रक्रिया के बाद प्राप्त की गई हैं और करीब 233 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता है।

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2,750 पेड़ काटे जाने का दावा

मनसे नेताओं संदीप देशपांडे और अविनाश जाधव ने भी कर्जत का दौरा किया। देशपांडे ने दावा किया कि जंगल क्षेत्र में अब तक 2,750 पेड़ काटे जा चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 90,000 पेड़ लगाने के लिए जमीन कहां से उपलब्ध कराई जाएगी।

वरिष्ठ वकील असीम सरोदे ने भी पर्यावरणीय अनुमतियों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से परियोजना और क्षेत्र में प्रस्तावित अन्य परियोजनाओं के संयुक्त पर्यावरणीय प्रभाव पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

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राज ठाकरे करेंगे कर्जत का दौरा

मनसे प्रमुख राज ठाकरे बुधवार को कर्जत पहुंचने वाले हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, वे स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे, जंगल क्षेत्र का जायजा लेंगे और पुलिस ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे।

परियोजना को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के साथ अब पर्यावरणीय प्रभाव, वन भूमि के इस्तेमाल और पेड़ों की कटाई से जुड़े सवाल चर्चा के केंद्र में हैं। इन दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पर्यावरणीय मंजूरियों के विवरण से विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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