मुंबई का बांद्रा स्काईवॉक (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

Mumbai: बेलासिस ब्रिज व बांद्रा स्काईवॉक का काम पूरा, लेकिन नहीं कट रहा फीता! जानें कब होगा उद्घाटन

Mumbai Infrastructure Projects: आचार संहिता के कारण मुंबई का बेलासिस ब्रिज और बांद्रा स्काईवॉक उद्घाटन से वंचित हैं। बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद नए महापौर के हाथों उद्घाटन होने की संभावना है।

आकाश मसने

Mumbai Bellasis Bridge News: महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव की वजह से आचार संहिता लागू है। इसलिए पूरे किए गए प्रोजेक्ट का उद्घाटन नहीं किया जा सकता है। राज्य के राजधानी मुंबई में बेलासिस ब्रिज की डेडलाइन 31 दिसंबर थी और समय रहते इस ब्रिज का काम पूरा कर लिया गया है। लेकिन राज्य चुनाव आयोग ने 15 दिसंबर को नगर निगम चुनावों की तिथि की घोषणा कर दी जिसके बाद से आचार संहिता लागू है।

संभावना जताई जा रही है कि अब यह ब्रिज बीएमसी के नए महापौर बनने के बाद उनके हाथों से ही उद्घाटन किया जाएगा। यह ब्रिज मुंबई सेंट्रल के रेलवे ट्रैकों के ऊपर से गुजरता है और पूर्व में नागपाड़ा को पश्चिम में ताड़देव से जोड़ता है। वहीं लंबे समय से अधर में लटके हुए बांद्रा स्काईवॉक का भी काम पूरा हो गया है और यह स्काईवॉक भी उद्घाटन की राह देख रहा है।

करीब 3 वर्षों के बाद बीएमसी चुनाव एक बार फिर होने जा रहा है। इससे पहले बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी के पास ही प्रशासक की जिम्मेदारी थी। 16 जनवरी को चुनाव के नतीजे आने के बाद सभी 227 नगरसेवक मिलकर किसी एक को महापौर के लिए चुनेंगे। इस प्रक्रिया में केवल नगरसेवक ही वोट करते हैं। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि महापौर के आने के बाद पूरे किए गए प्रोजेक्ट का उद्घाटन महापौर के ही हाथों किया जाएगा।

एमएचएडीए तक बढ़ाने की मांग

वर्ष 2022 में लगभग 19 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर बांद्रा स्टेशन से आनंद कानेकर मार्ग स्थित कोर्ट तक स्काईवॉक निर्माण का ठेका दिया गया। संरचना को तोड़ा भी गया, लेकिन काम शुरू होने से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें नए स्काईवॉक को एमएचएडीए कार्यालय तक बढ़ाने की मांग की गई। इस कारण मनपा ने पहले वाला ठेका रद्द कर दिया और जून 2022 में लगभग 83 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ नया टेंडर निकाला।

नई योजना के अनुसार, स्काईवॉक की लंबाई 483 मीटर से बढ़ाकर लगभग 740 मीटर और चौड़ाई 4.2 मीटर से बढ़ाकर 6.5 मीटर कर दी गई है। स्काईवॉक में तीन एस्केलेटर और छाया के लिए शेड (कैनोपी) भी लगाया जाएगा। यह स्काईवॉक 2008 में एमएमआरडीए द्वारा बनाया गया था, जिसे बाद में मनपा को सौंप दिया गया।

ब्रिज ध्वस्तीकरण को लेकर था विवाद

ब्रिटिश कालीन बेलासिस ब्रिज को 1893 में बनाया गया था और ब्रिटिश मेजर जनरल जॉन बेलसिस के नाम पर रखा गया था। ब्रिज का ध्वस्तीकरण जून 2024 तक शुरू ही नहीं हुआ था। यह विवाद था कि पुनर्निर्माण महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MRIDC) करे या बीएमसी या पश्चिम रेलवे मिलकर करें। डिजाइनों की मंजूरी में भी समय लगा और वर्षों की देरी जुड़ती गई।

अंत में, एक केबल-स्टे ब्रिज का डिजाइन तय किया गया, जिसमें बीएमसी ने 70 करोड़ रुपये और रेलवे ने 40 करोड़ रुपये देने का फैसला किया। ब्रिज की लेन बढ़ाकर छह कर दी गईं और डिजाइन में कई बदलाव किए गए। निर्माण अवधि के दौरान यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए गए।

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