
बांद्रा स्काईवॉक निर्माण (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: बांद्रा रेलवे स्टेशन ( पूर्व से महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण कार्यालय तक बन रहे स्काईवॉक के निर्माण कार्य में राहगीरों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
स्काईवॉक के निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व बीएमसी ने इस बात पर जोर दिया था कि स्काईवॉक का निर्माण कार्य नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा पहुंचाए बिना पूरा किया जायेगा, लेकिन स्काईवॉक बनने वाले रास्ते पर जहां वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती है।
वहीं पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए फुटपाथ पर जगह तक नहीं बची है। बांद्रा (पूर्व) से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे तक जाने वाले करीब एक किमी तक अनंत काणेकर मार्ग के दोनों तरफ के फुटपाथ पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं।
कई जगहों पर फुटपाथ के ढक्कन टूट चुके हैं, जिसमें राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस सड़क से बांद्रा टर्मिनस, बांद्रा कोर्ट, स्लम पुनर्वास प्राधिकरण कार्यालय, बेस्ट बस डिपो, बांद्रा कुर्ता काम्प्लेक्स के लिए प्रतिदिन हजारों लोगों का आना जाना होता है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस सड़क पर कई जगहों पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जो वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं।
स्काईवॉक के निर्माण के चलते राहगीरों को चलने के लिए जगह नहीं बची है। अगर जल्द काम नहीं हुआ ती स्थिति और भी बिगड़ सकती है,
– हुसैन सैयद
स्काईवॉक के निर्माण से पहले पैदल चलने वालों के लिए व्यवस्थित फुटपाथ बनाया जा सकता था। स्काईयाँक निर्माण की लेटलतीफी से आम जनता को परेशानी हो रही है।
– भीमा अहिरे
सड़क और फुटपाथ लोगों की जान जोखिम में है। टूटी हुई गटर से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, इसलिए बीएमसी को जल्द से जल्द फुटपाथ का मरम्मत कराना चाहिए।
– आरिफ मलिक
सड़क के दोनों तरफ के फुटपाथ भी पूरी जर्जर हो गए हैं और कई जगहों पर गटर के ढक्कन गायब हैं, जिससे पैदल चलने वाले राहगीरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क पर दोनों तरह आटोरिक्शा की बेतरीब पार्किंग से भी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है।
बांद्रा स्काईवॉक के काम में विलंब से यात्रियों में भारी नाराजगी है। बॉम्बे हाई कोर्ट की फटकार के बाद बीएमसी ने स्काईवॉक निर्माण कार्य में तेजी लायी है। स्काईवॉक पुनर्निर्माण परियोजना लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है।
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बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए इसे 31 दिसंबर तक जनता के लिए खोल देना है। शेष कार्य अगले तीन महीनों में पूरा होने की उम्मीद है और प्रत्येक चरण के लिए सख्त समय सीमा निर्धारित की गई है।






