वरली में मकान की लागत ₹1.48 करोड़।
नायगांव में लागत ₹72.25 लाख।
नायगांव के 84 और एनएम जोशी मार्ग के 16 पात्र।
शेष 315 मकान पुलिस आयुक्त के कब्जे में रहेंगे।
Mumbai BDD Chawl Redevelopment: मुंबई की वरली, नायगांव और एनएम जोशी मार्ग स्थित बीडीडी चालों के पुनर्विकास में पुलिस विभाग के सरकारी आवासों में रहने वाले 223 पुलिसकर्मियों और उनके वारिसों को अब मालिकाना हक पर घर मिल सकेंगे। राज्य सरकार ने 1 जनवरी 2011 के बाद से इन आवासों में रहने वाले पात्र पुलिसकर्मियों को 500 वर्ग फुट के पुनर्वास मकान देने का निर्णय लिया है।
हालांकि, इसके लिए उन्हें निर्धारित निर्माण लागत चुकानी होगी। गृह विभाग द्वारा जारी जीआर में तीनों स्थानों के लिए अलग-अलग निर्माण लागत तय की है। वहीं, शेष 315 पुनर्वास मकान मुंबई पुलिस आयुक्त के कब्जे में देने का निर्देश दिया गया है।
गृह विभाग के जीआर के अनुसार वरली में पुनर्वास मकान के लिए 1.48 करोड़ रुपए, नायगांव में 72.25 लाख रुपए और एनएम जोशी मार्ग पर 86.30 लाख रुपए निर्माण लागत निर्धारित की गई है। यह राशि 500 वर्ग फुट के प्रत्येक पुनर्वास मकान के लिए तय की गई है। पात्र पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों अथवा उनके वारिसों को यह रकम चुकाने के बाद मकान मालिकाना हक पर दिए जाएंगे।
बीडीडी चालों के पुनर्विकास के तहत पुलिस विभाग के सरकारी आवासों का भी पुनर्विकास किया जा रहा है। 18 अगस्त 2021 के शासन निर्णय के अनुसार 1 जनवरी 2011 तक आवासों में रहने वाले पुलिसकर्मियों और उनके वारिसों को पुनर्विकसित मकान मालिकाना हक पर देने की मंजूरी दी गई थी। इसके लिए प्रति मकान 15 लाख रुपए निर्माण खर्च तय किया गया था।
बाद में 1 जनवरी 2011 के बाद से रह रहे पुलिसकर्मियों ने भी मालिकाना हक पर मकान देने की मांग की। इस पर विचार के बाद म्हाडा की तीनों बीडीडी परियोजनाओं में पुनर्विकास के पश्चात शेष 538 मकान गृह विभाग को मिलने की जानकारी सामने आई, जिसके आधार पर आवंटन की प्रक्रिया शुरू की गई।
गृह विभाग ने 14 अक्टूबर 2024 के शासन पत्र के माध्यम से 1 जनवरी 2011 के बाद से बीडीडी चालों के सरकारी आवासों में रहने वाले और पहले अपात्र घोषित किए गए पुलिसकर्मियों को भी निर्माण लागत लेकर 500 वर्ग फुट के मकान मालिकाना हक पर देने की मंजूरी दी थी। इसके बाद मुंबई पुलिस आयुक्त ने पात्र पुलिसकर्मियों की सूची म्हाडा को सौंपी।
इस सूची में वरली के 123, नायगांव के 84 और एनएम जोशी मार्ग के 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इस तरह कुल 223 पुलिसकर्मियों को पात्र घोषित किया गया है। इनके अलावा शेष 315 सरकारी आवास पुलिस विभाग के कब्जे में होने की जानकारी पुलिस आयुक्त ने दी थी।
म्हाडा की ओर से तीनों परियोजनाओं के 500 वर्ग फुट के पुनर्वास मकानों की निर्माण लागत तय करने का प्रस्ताव गृह निर्माण विभाग को भेजा गया था। इसके बाद गृह विभाग ने अब स्थानवार निर्माण लागत निर्धारित कर दी है। जीआर के अनुसार 223 पात्र पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके वारिसों को निर्धारित रकम लेकर मकान मालिकाना हक पर दिए जाएंगे। वहीं, शेष 315 पुनर्वास मकान और सरकारी आवास मुंबई पुलिस आयुक्त के कब्जे में सौंपे जाएंगे।