Drug Inspector Paper Leak Case Complainant U-turn: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में हुए संदिग्ध पेपर लीक मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस पूरे प्रकरण में उस समय खलबली मच गई, जब मुख्य शिकायतकर्ता ने आयोग को ई-मेल भेजकर अपनी ही शिकायत को गलत और भ्रामक करार दिया। शिकायतकर्ता के इस अचानक यू-टर्न के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के फायरब्रांड नेता रोहित पवार ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
सामने आ रहे कथित ई-मेल के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उसने केवल परीक्षा को रद्द करवाकर दोबारा परीक्षा आयोजित कराने के मकसद से पेपर लीक का झूठा आरोप लगाया था। हालांकि, आयोग या पुलिस की ओर से इस ई-मेल की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इस ई-मेल के सामने आते ही परीक्षार्थियों और युवाओं के बीच भारी असमंजस की स्थिति बन गई है।
ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में शिकायत वापस लेने के इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने महायुति सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता पर भारी राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव बनाया गया है।
रोहित पवार ने कहा कि अगर शिकायत फर्जी थी, तो एमपीएससी ने इसकी जांच क्यों शुरू की? उन्होंने सवाल किया कि अगर वायरल प्रश्नपत्र केवल टेस्ट सीरीज का था, तो वह कौन-सी टेस्ट सीरीज थी और उसके सवाल असली परीक्षा में कैसे आए? उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत वापस लेने वाले पत्र में नाम और हस्ताक्षर को लेकर भी अंतर दिखाई दे रहा है। शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत वापस लेने से मामले की जांच खत्म नहीं हो सकती।
बता दें कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) ने ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए 22 मार्च 2026 को परीक्षा आयोजित की थी। 12 जून को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया, जबकि जुलाई में इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 जुलाई को अंतिम चयन सूची जारी की गई। चयन सूची जारी होने के अगले दिन आयोग को एक गुमनाम ई-मेल मिला। इसमें आरोप लगाया गया था कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र व्हाट्सऐप पर वायरल हो गया था और अंकों में गड़बड़ी हुई है।
शिकायत मिलने के बाद महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने शिकायतकर्ता से डिजिटल सबूत मांगे थे। साथ ही संबंधित उम्मीदवारों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। आयोग की जांच जारी है और रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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शिकायतकर्ता के यू-टर्न के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में पेपर लीक हुआ था या फिर दोबारा परीक्षा कराने के लिए फर्जी शिकायत की गई थी। मामले की सच्चाई एमपीएससी की जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।