कासारवडवली खारबाव क्रीक ब्रिज परियोजना (सोर्स: नवभारत फोटो) 
मुंबई

MMRDA Project Status: कासारवडवली-खारबाव पुल परियोजना लटकी, जमीन न मिलने से काम पड़ा धीमा

Kasarvadavali Kharbav Creek Bridge: कासारवडवली-खारबाव क्रीक ब्रिज परियोजना भूमि अधिग्रहण में देरी से अटक गई है। जमीन न मिलने से लागत बढ़ने और प्रोजेक्ट तय समयसीमा से पिछड़ने की आशंका है।

सूर्यप्रकाश मिश्र

MMRDA Project Status Kasarvadavali Kharbav Bridge: तेजी से बढ़ रहे एमएमआर इलाके में भूमि अधिग्रहण एवं अन्य समस्याओं के चलते कई प्रोजेक्ट के काम लटक गए हैं। ठाणे शहर के कासावडवली से भिवंडी के खारबाव के लिए खाड़ी पर एमएमआरडीए द्वारा बनाया जा रहा पुल भी भूमि अधिग्रहण न होने से लटक गया है।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का ठेका करीब दो साल पहले दिया गया था। बाद 3.93 किमी लंबे कासारवडवली–खारबाव क्रीक ब्रिज परियोजना भूमि अधिग्रहण में लंबित कार्यों के कारण देरी का सामना कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना निर्धारित समय सीमा से भी आगे खिसक सकती है। इससे इसकी लागत भी बढ़ सकती है।

पुल के दोनों तरफ नहीं मिल पाई जमीन

कासारवडवली–खारबाव क्रीक ब्रिज परियोजना में वसई क्रीक पर लगभग 1 किलोमीटर लंबा पुल तथा दोनों ओर चार-चार लेन वाली 40 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण शामिल है। इस प्रोजेक्ट का ठेका एमएमआरडीए ने अक्टूबर 2024 में दिया था और इसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। परियोजना के प्रारंभिक 12 महीनों के भीतर भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा होना अपेक्षित था। लेकिन ठाणे की तरफ से 26 हेक्टेयर जमीन एवं खारबाव की तरफ 6.86 हेक्टेयर आवश्यक भूमि का अधिग्रहण ही नहीं हो पाया है।

यह प्रोजेक्ट क्यों है जरूरी

यह कॉरिडोर ठाणे के घोड़बंदर रोड को भिवंडी के खारबाव से चिंचोटी–अंजूर फाटा रोड (एसएच-48) के माध्यम से जोड़ेगा। इससे ठाणे और भिवंडी के बीच सीधा वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा तथा यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। एमएमआरडीए के अधिकारियों के अनुसार क्रीक के ऊपर पुल निर्माण का कार्य फिलहाल जारी है, लेकिन परियोजना के दोनों सिरों पर भूमि अधिग्रहण का काम अटका हुआ है।

एक अधिकारी ने कहा, कासारवडवली की ओर ठाणे मनपा (टीएमसी) विशेष नियोजन प्राधिकरण है। यहां लगभग 26 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) व्यवस्था के तहत किया जाना है, जिसमें निजी संपत्तियां भी शामिल हैं। वहीं, खारबाव की ओर एमएमआरडीए, ठाणे कलेक्टर के माध्यम से लगभग 6.86 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर रही है।

क्यों हो रही देरी

हालांकि, इस हिस्से में अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने देरी के लिए शहरी बुनियादी ढांचा परियोजना की जटिलता और अलग-अलग मुआवजा प्रणालियों को जिम्मेदार ठहराया। एक अधिकारी ने कहा, हमें दो अलग-अलग एजेंसियों के साथ समन्वय भी करना पड़ रहा है, जिसमें काफी समय लग रहा है और इसी कारण परियोजना में देरी हो रही है।

वर्तमान में ठाणे और भिवंडी के बीच यातायात ओल्ड आगरा रोड, माजीवाड़ा तथा कलवा होते हुए मुंबई–नासिक राजमार्ग से गुजरता है, जहां नियमित रूप से भारी ट्रैफिक जाम रहता है। नया ब्रिज कॉरिडोर कासारवडवली और खारबाव के बीच सीधा संपर्क उपलब्ध कराएगा। यह आगे चलकर एसएच-48, बालकुम–गायमुख क्रीक रोड तथा विरार–अलीबाग मल्टी-मॉडल कॉरिडोर से भी जुड़ जाएगा।

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