प्रताप सरनाईक (सोर्स: एआई फोटो)
मुंबई

मराठी नहीं तो परमिट कैंसल? कल से ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए लागू होंगे कड़े नियम; जानें क्या होगी कार्रवाई?

Auto Taxi Permit Cancellation Rules: मराठी भाषा न आने पर क्या ऑटो और टैक्सी चालकों का परमिट रद्द होगा? जानें कल से लागू होने वाले नए कड़े नियमों और उल्लंघन पर होने वाली सख्त कार्रवाई की पूरी जानकारी।

गोरक्ष पोफली

Marathi Language Requirement For Auto Drivers: महाराष्ट्र की सड़कों पर रिक्शा और टैक्सी दौड़ाने वाले चालकों के लिए अब मराठी भाषा का ज्ञान महज एक विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य शर्त बन गया है।

महाराष्ट्र के कद्दावर नेता प्रताप बाबूराव सरनाईक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में रिक्शा और टैक्सी चालकों को व्यावहारिक मराठी का ज्ञान होना ही चाहिए। यह नियम कल, यानी 20 अगस्त 2026 से पूरे राज्य में कड़ाई से लागू होने जा रहा है।

क्या होगी कार्रवाई?

प्रताप सरनाईक ने साझा किया कि जो चालक मराठी नहीं जानते, उन पर चरणबद्ध तरीके से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • एक महीने का नोटिस: जिन चालकों को मराठी भाषा का ज्ञान नहीं है, उन्हें सबसे पहले सुधार के लिए एक महीने का समय और नोटिस दिया जाएगा।

  • तीन महीने का निलंबन: यदि एक महीने के बाद भी चालक मराठी सीखने में विफल रहता है, तो उसका बैज तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।

  • लाइसेंस और बैज रद्द: यदि कोई चालक जानबूझकर मराठी सीखने से इनकार करता है, तो प्रशासन उसका बैज और परमिट स्थायी रूप से रद्द करने की कार्रवाई करेगा।

नियम पुराना, सख्ती नई

यह कोई नया कानून नहीं है; महाराष्ट्र में 1989 से ही रिक्शा-टैक्सी चलाने के लिए व्यावहारिक मराठी का ज्ञान आवश्यक रहा है। हालांकि, 12 अगस्त 2026 को किए गए नए कानूनी प्रावधानों के बाद अब इसे अत्यंत सख्ती से लागू किया जा रहा है।

सरनाईक के अनुसार, मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के बाद इसका प्रचार, प्रसार और संवर्धन करना अनिवार्य है।

कैसे होगी जांच?

अब केवल कागजों पर मराठी आना पर्याप्त नहीं होगा। आरटीओ अधिकारी अब नए परमिट या बैज देते समय चालक से प्रत्यक्ष संवाद करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उसे मराठी बोलनी आती है। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इतना ही नहीं, सरकार ने फर्जी निवास प्रमाण पत्रों की शिकायतों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। आरटीओ अधिकारी अब पुलिस के माध्यम से यह जांच करेंगे कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में पिछले 15 वर्षों से महाराष्ट्र का निवासी है या नहीं। इस पूरी मुहिम की जिम्मेदारी अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ को सौंपी गई है, जो अगले महीने के अंत तक अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।

ड्राइवरों के लिए कल्याणकारी योजनाएं भी

एक तरफ जहां नियमों की कड़ाई है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने चालकों के हित का भी ध्यान रखा है। आनंद दिघे महामंडल के जरिए अब तक 37 हजार से अधिक चालक जुड़ चुके हैं, जिनके लिए 57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसमें ड्राइवरों के बच्चों के लिए शिक्षा योजनाएं, 65 वर्ष की आयु के बाद 10 हजार रुपये का अनुदान और गंभीर बीमारियों के लिए आर्थिक मदद जैसे महत्वपूर्ण लाभ शामिल हैं।

प्रताप सरनाईक का यह बयान उन सभी प्रवासियों और स्थानीय चालकों के लिए एक बड़ा संदेश है जो महाराष्ट्र की माटी में अपनी आजीविका कमा रहे हैं। संदेश साफ है, रोजगार के अवसर सबके लिए हैं, लेकिन राज्य की भाषा और संस्कृति का सम्मान सर्वोपरि है।

सत्येंद्र जैन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, 25 अगस्त को मामले की सुनवाई करेगा राउज एवेन्यू कोर्ट

आज की ताजा खबर 19 अगस्त LIVE: दिल्ली में CNG पंप पर ट्रक में ब्लास्ट से हड़कंप, अब तक 3 की मौत

दिल्ली में CNG पंप पर ट्रक में ब्लास्ट से हड़कंप, अब तक 3 की मौत, कई लोग घायल

बिहार को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा! नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी होगी सुपरफास्ट, 4-लेन प्रोजक्ट को मिली मंजूरी

अमेरिका ने जम्मू कश्मीर को बताया भारत का अहम हिस्सा, सर्जियो गोर के बयान से पाकिस्तान को लगेगी मिर्ची