

Eknath Shinde On Vande Mataram: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में ठाणे में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का आधिकारिक संस्करण बजाने के बजाय लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड किया गया संस्करण बजा दिया गया। करीब चार मिनट तक चले इस गीत के दौरान शिंदे खड़े रहे, लेकिन वे असहज नजर आए। हालांकि, उन्होंने गीत के बीच हस्तक्षेप नहीं किया।
कार्यक्रम के बाद अपने संबोधन में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने इस चूक पर नाराजगी जताते हुए आयोजकों को भविष्य में सावधानी बरतने की हिदायत दी। शिंदे ने कहा कि सार्वजनिक और सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ का आधिकारिक संस्करण ही बजाया जाना चाहिए। उन्होंने आयोजकों से ऐसी गलती दोबारा न होने की अपील करते हुए चूक के लिए खेद भी जताया।
‘वंदे मातरम’ को लेकर विवाद की शुरुआत 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद हुई। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तिरंगा फहराया। इसके बाद गायकों ने ‘वंदे मातरम’ का गायन शुरू किया।
कांग्रेस ने कार्यक्रम में गीत के केवल पहले दो अंतरे गाने की बात कही थी, लेकिन गायकों ने इसका पूरा संस्करण गाना शुरू कर दिया। इसी दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस पर ध्यान देने की बात सामने आई। उन्होंने खड़गे की ओर इशारा किया और बाद में गायकों से भी बातचीत की। आरोप है कि उन्होंने गायकों को आगे गाने से रोकने के लिए कहा।
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने ‘वंदे मातरम’ विवाद को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिवसेना राष्ट्रवाद और देशभक्ति की विचारधारा में विश्वास करती है और पार्टी के सभी कार्यक्रमों की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से की जाएगी। निरुपम ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को इस मुद्दे पर देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र के धार्मिक स्वतंत्रता कानून और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
संजय निरुपम ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को प्राथमिकता देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि शिवसेना एक राष्ट्रवादी संगठन है और पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गायन से होगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि गीत के पूर्ण गायन से इनकार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।