Maharashtra Weather Today: महाराष्ट्र में मानसून एक बार फिर अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से तटीय कोंकण क्षेत्र और पश्चिमी महाराष्ट्र के जिलों के लिए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और रायगड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में आज को छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति भी 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। दूसरी ओर, पालघर और रत्नागिरी जिलों को 'येलो अलर्ट' पर रखा गया है। कोंकण के उत्तरी और दक्षिणी दोनों हिस्सों में विस्तृत वर्षा की संभावना है। नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी महाराष्ट्र के जिलों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। पुणे, नासिक, कोल्हापुर और सतारा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पुणे शहर में आज को मध्यम से जोरदार बारिश की 100% संभावना जताई गई है। दिन का अधिकतम तापमान 25°C और न्यूनतम 22°C रहने का अनुमान है। दोपहर 3 बजे के आसपास बारिश का जोर सबसे अधिक रहने की संभावना है।
विदर्भ के जिलों, विशेषकर नागपुर में आज तक छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे उमस भरे मौसम से राहत मिलने की उम्मीद है। यहां दिन का तापमान 31°C से 33°C के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, मराठवाड़ा क्षेत्र में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है, यहां केवल कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। अहिल्यानगर, जालना, सोलापुर और धाराशिव में भी गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना के कारण येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों तक कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। विदर्भ में भी तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद इसमें 2-3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। मुंबई में बारिश के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम (56) श्रेणी में रहने का अनुमान है।
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आज के बाद राज्य में मानसून की तीव्रता और बढ़ने की उम्मीद है। किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों या धातु की वस्तुओं से दूर रहें। मुंबई के झीलों में पानी का स्तर अब 49% से ऊपर पहुँच गया है, जो शहर के लिए राहत की बात है।