

FDA Raid Nagpur: नागपुर के खाने-पीने के शौकीनों के लिए एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने शहर के तथाकथित हाई-प्रोफाइल होटलों की स्वच्छता की कलई खोलकर रख दी है। शहर के वीआईपी और व्यस्त माने जाने वाले सदर इलाके में स्थित मशहूर अशोका रेस्टोरेंट, जो अपनी साख और जायके के लिए जाना जाता था, आज विवादों के घेरे में है। एक ग्राहक के सूप में मरा हुआ कॉकरोच मिलने से शुरू हुआ यह मामला अब रेस्टोरेंट के बंद होने तक पहुंच गया है।
यह सनसनीखेज घटना तब शुरू हुई जब 17 जुलाई को रेस्टोरेंट के टेबल नंबर 12 पर बैठे एक ग्राहक ने बड़े चाव से सूप का ऑर्डर दिया। जैसे ही सूप आया, ग्राहक की नजर उसमें तैर रहे एक मरे हुए कॉकरोच पर पड़ी। यह देखते ही ग्राहक के होश उड़ गए और उसने तुरंत हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह खबर पूरे रेस्टोरेंट में फैल गई, जिससे वहां मौजूद अन्य ग्राहक अपनी थालियां छोड़कर खड़े हो गए। रेस्टोरेंट प्रबंधन ने भी इस भारी चूक को स्वीकार किया और माफी मांगी, लेकिन तब तक बात प्रशासन तक पहुँच चुकी थी।
शिकायत मिलते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक्शन मोड में आते हुए रेस्टोरेंट पर दबिश दी। शुरुआत में अधिकारियों ने सैंपल्स लेकर जांच शुरू की थी, लेकिन जांच के दौरान जो लेटेस्ट अपडेट सामने आए हैं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकते हैं।
जांच में पता चला कि रेस्टोरेंट का किचन और स्टोरेज एरिया बीमारियों का घर बन चुका था।
इन तमाम अनियमितताओं और स्वच्छता के प्रति बरती गई घोर लापरवाही को देखते हुए महाराष्ट्र FDA ने कड़ा रुख अपनाया है। अशोका रेस्टोरेंट का फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जब तक रेस्टोरेंट अपनी सभी कमियों को दूर नहीं कर लेता और दोबारा जांच में अधिकारी संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक यहां खाना बनाना, बेचना या परोसना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
नागपुर जैसे शहर में, जहां लोग बड़े होटलों पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं, वहां अशोका रेस्टोरेंट जैसी प्रतिष्ठित जगह से ऐसी लापरवाही सामने आना शहरवासियों के लिए एक बड़ा झटका है। यह घटना उन सभी रेस्टोरेंट मालिकों के लिए एक चेतावनी है जो स्वच्छता से समझौता कर ग्राहकों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर के खाने-पीने के शौकीनों के बीच भारी गुस्सा और दहशत का माहौल है।