Maharashtra UCC Committee Controversy: महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) तैयार करने वाली समिति को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। बॉम्बे हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज आरसी चव्हाण के समिति से इस्तीफा देने के महज 2 दिन बाद उन्हीं सेवानिवृत्त
आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को समिति में सदस्य-सह-वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है जिनकी 19 सितंबर की बैठक में मौजूदगी को लेकर चव्हाण ने सवाल उठाए थे। महाराष्ट्र सरकार ने सिंह की नियुक्ति 21 सितंबर को की है। यह जानकारी 24 सितंबर को सामने आई।
इस्तीफे में गैर-सदस्य की मौजूदगी का जिक्र जस्टिस चव्हाण ने 19 सितंबर को समिति की बैठक के बाद अपना इस्तीफा दिया था। अपने इस्तीफे वाले ईमेल में उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति की बैठक में मौजूदगी पर सवाल उठाया था जो उस समय समिति के 7 आधिकारिक सदस्यों में शामिल नहीं था।
बाद में सामने आया कि यह व्यक्ति सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह थे। चव्हाण ने कहा था कि बैठक के दिन या उससे पहले भेजे गए ईमेल में सिंह की सलाहकार के रूप में नियुक्ति की कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी।
समिति की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज जस्टिस रंजना देसाई ने सिंह को 19 सितंबर की बैठक में सलाहकार के तौर पर बुलाया था। सितंबर में समिति की 2 बैठकें हुई
थीं। सिंह दूसरी बैठक में शामिल हुए थे। बैठक में उन्हें सदस्यों से परिचित कराया गया। यह बताया गया था कि वे अपने सुझाव देंगे। बैठक में महाराष्ट्र में प्रस्तावित यूसीसी पर आम लोगों की राय लेने के लिए तैयार की जा रही प्रश्नावली और
वेबसाइट पर भी चर्चा हुई। सिंह ने वेबसाइट में कुछ बदलावों की जरूरत बताई थी। जस्टिस चव्हाण ने प्रश्नावली में लोगों से विस्तृत राय लेने वाले अधिक सवाल शामिल करने का सुझाव दिया था।
महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई में जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय यूसीसी समिति गठित की थी। समिति को यूसीसी के मसौदे और उसके क्रियान्वयन के संबंध में सरकार को सुझाव देने हैं। उसे रिपोर्ट के लिए 6 महीने का समय दिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दिसंबर में यूसीसी विधेयक पेश करने का लक्ष्य बताया है।
शत्रुघ्न सिंह पहले जस्टिस रंजना देसाई के साथ उत्तराखंड की यूसीसी प्रक्रिया में काम कर चुके हैं।
वे वहां यूसीसी समिति के 5 सदस्यों में शामिल थे और कानून का मसौदा तैयार करने वाली उप-समिति में भी रहे।
उत्तराखंड यूसीसी लागू होने के बाद नियम बनाने वाली समिति की जिम्मेदारी भी सिंह को दी गई थी।
उत्तराखंड में यूसीसी 27 जनवरी 2025 से लागू हुआ।
इससे पहले मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू हो चुका है।