

Maharashtra Model Registration Office: महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की पहल पर पुणे में शुरू किए गए ‘मॉडल पंजीकरण कार्यालय’ को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की तैयारी की जा रही है।
केंद्र सरकार के भूमि संसाधन विभाग ने इस मॉडल को देशभर में लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रस्तावित योजना के तहत प्रत्येक कार्यालय के लिए 50 लाख रुपये का अनुदान देने की बात कही गई है।
पुणे शहर में शुरू किए गए मॉडल पंजीकरण कार्यालय में नागरिकों को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार अब इसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
इस संबंध में प्रस्तावित ‘केंद्रीय पंजीकरण विधेयक, 2026’ को लेकर सभी राज्यों के पंजीकरण महानिरीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।
केंद्र सरकार की योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे आधुनिक पंजीकरण कार्यालय विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रत्येक कार्यालय के लिए 50 लाख रुपये का अनुदान प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य पंजीकरण से जुड़ी सेवाओं को अधिक आधुनिक और नागरिक केंद्रित बनाना है।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र के राजस्व विभाग ने पंजीकरण सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं। इनमें एक जिला, एक पंजीकरण, ई-प्रमाण, ई-पंजीकरण और पासपोर्ट कार्यालयों की तर्ज पर आदर्श कार्यालय जैसी पहल शामिल हैं।
पारदर्शी और त्वरित सेवाओं पर जोर
इन परियोजनाओं के जरिए नागरिकों को पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं अधिक पारदर्शी, सुलभ और तेज तरीके से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, इन पहलों से राजस्व संग्रह में भी सुधार हुआ है।
पुणे के मॉडल पंजीकरण कार्यालय के अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने से विभिन्न राज्यों में पंजीकरण सेवाओं के आधुनिकीकरण और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुल सकता है।