शिक्षा मंत्री दादा भुसे   सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

महाराष्ट्र में स्कूली शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दादा भुसे के अधिकार अधिकारियों को सौंपे

Maharashtra Dada Bhuse News: महाराष्ट्र सरकार ने स्कूली शिक्षा विभाग में अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया है। नए स्कूलों, कक्षाओं की मंजूरी और एनओसी का अधिकार अब सचिव और आयुक्त को दिया गया है।

रूपम सिंह

Maharashtra School Education Decentralization: महाराष्ट्र सरकार ने स्कूली शिक्षा विभाग की निर्णय प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्रशासनिक अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया है। इस फैसले से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के करीबी शिक्षा मंत्री दादा भुसे के अधिकारों में कटौती हुई है, जिससे यह कदम राज्य के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने स्कूल प्रबंधन से जुड़े अहम अधिकार अब सीधे अधिकारियों को सौंप दिए हैं।

नए नियमों के तहत स्वयं-वित्तपोषित स्कूलों में नई कक्षाओं और शाखाओं की मंजूरी देने का अधिकार शिक्षा आयुक्त के पास रहेगा। वहीं, मौजूदा स्कूलों में कक्षाओं के विस्तार से जुड़े फैसले लेने की शक्ति प्रधान सचिव को दी गई है।

एनओसी देने की प्रक्रिया बदली

महानगरपालिका क्षेत्रों में सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी और - आईडीएससीई जैसे बोर्डों से संबद्धता के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने का काम अब प्रधान सचिव

संभालेंगे। अन्य क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी शिक्षण आयुक्त के पास होगी। दिपके के आंदोलन के बाद से शिक्षा मंत्री दादा भुसे और उनका मंत्रालय महायुति सरकार के आकाओं के रडार पर है।

शिक्षा मंत्री बोले, मेरा फैसला

शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने बाताया की यह फैसला मैंने खुद लिया और प्रशासनिक प्रक्रिया में सुगमता आए। स्वयं-वित्तीय स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं, नई शाखाओं की मंजूरी और विभिन्न बोडों को एनओसी देने का अधिकार सचिव और आयुक्त को सौंपने का निर्णय पूरी तरह से मेरा अपना है।

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