Maharashtra RTO Fitness Certificate Irregularities 334 Officers Notice: महाराष्ट्र के परिवहन विभाग में बड़ी गड़बड़ियों का पता चला है। वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने में हुई अनियमितताओं पर परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर ने सख्त रुख अपनाया है।
इस मामले में ठाणे सहित राज्य के अन्य RTO और एआरटीओ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।
केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 62 के तहत परिवहन वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट (नमुना 38 और 38A) जारी किया जाता है। नियमों का पालन न होने की शिकायत पर शासन ने एक विशेष जांच समिति गठित की थी।
समिति ने NIC, पुणे से डेटा लेकर 1 सितंबर 2024 से 5 मार्च 2026 तक राज्य भर के RTO और प्राइवेट ATS में जारी किए गए फिटनेस सर्टिफिकेट्स की जांच की। इसकी रिपोर्ट 3 सितंबर को विभाग को सौंपी गई। रिपोर्ट में 5 प्रकार की बड़ी अनियमितताएं उजागर हुई हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार ठाणे RTO के अधीन वाशी कार्यालय में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां मिलीं। कुल 730 वाहनों के फिटनेस में नियमों को ताक पर रखा गया।
पता चला है कि वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करते हुए अनियमितता बरतने के मामले में राज्य भर में 334 एआरटीओ, आरटीओ और डिप्टी आरटीओ को कारण बताओ नोटीस दी गई है। मामले का खुलासा ठाणे आरटीओ हेमांगिनी पाटिल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद हुआ है।
आरोप है कि नमुना 38A जारी होने के 15 दिन के भीतर नमुना 38 की मूल नोंदणी नहीं की गई, फिर भी फिटनेस दे दिया गया। इसी प्रकार दूसरे राज्यों के RTO ने 38A जारी किया, लेकिन महाराष्ट्र में उसकी नोंदणी किए बिना ही दूसरे कार्यालय से 38 जारी कर दिया गया।
इसी तरह नेशनल परमिट वाले मालवाही वाहनों में VLTD (Vehicle Location Tracking Device) लगाए बिना ही फिटनेस दे दिया गया। इसके सतह की परिवहन वाहनों में SLD (Speed Limiting Device) लगाए बिना ही फिटनेस सर्टिफिकेट बांट दिए गए।
सूत्रों के अनुसार यह जांच सिर्फ ठाणे शहर तक सीमित नहीं है, राज्य के कई अन्य RTO कार्यालय भी इन गड़बड़ियों के घेरे में हैं। आने वाले दिनों में और अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।