

Girl Child Awareness In Nashik: बेटा-बेटी समानता केवल कागजों तक सीमित न रहकर सामाजिक जीवन में स्थापित हो, बेटी के जन्म का उत्साहपूर्वक स्वागत हो तथा स्त्री जन्म के प्रति समाज का दृष्टिकोण सकारात्मक बने।
इसके लिए अब नासिक जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्त्री जन्म स्वागत का प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया गया है। आगामी ग्रामसभा में इस विषय पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित करने की अपील जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार ने की है।
गर्भ में लिंग की जांच और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए PCPNDT कानून, 1994 (2003 में संशोधित) को प्रभावी रूप से लागू करने के साथ ही सामाजिक जागरूकता को व्यापक स्तर पर बढ़ाने की आवश्यकता है।
कन्या भ्रूण हत्या रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर स्त्री जन्म के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिलाधिकारी तथा जिला दक्षता समिति के अध्यक्ष आयुष प्रसाद की अध्यक्षता में हुई PCPNDT जिला दक्षता समिति की बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर स्त्री जन्म स्वागत का प्रस्ताव पारित करने के संबंध में निर्देश दिए गए थे। इसके अनुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों से आगामी ग्रामसभा में इस विषय पर विस्तार से चर्चा कर प्रस्ताव पारित करने की अपील की गई है।
ग्रामसभा में स्त्री जन्म का महत्व, बेटा-बेटी समानता, बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा कन्या भ्रूण हत्या रोकने के संबंध में नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। ग्राम पंचायतों से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध विभिन्न माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और स्त्री जन्म का स्वागत करो’ का संदेश घर-घर तक पहुंचाने की अपील की गई है।
स्त्री जन्म स्वागत का प्रस्ताव केवल ग्रामसभा की कार्यवाही तक सीमित न रहे, बल्कि उसे सामाजिक पहल का रूप दिया जाए, इस पर प्रशासन ने जोर दिया है। बेटी के जन्म का स्वागत, उसकी शिक्षा को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य की देखभाल और सुरक्षा के लिए नासिक जिले में स्थानीय स्तर पर विभिन्न गतिविधियां संचालित करने की अपील की गई है।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार ने कहा कि ग्रामसभा जनभागीदारी के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत ‘स्त्री जन्म स्वागत’ का प्रस्ताव पारित कर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और स्त्री जन्म का स्वागत करो का संदेश घर-घर तक पहुंचाए। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए कानून का प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक जागरूकता, दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।