Maharashtra Recruitment Exam Paper Leak: सरकारी नौकरी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और गड़बड़ी-मुक्त बनाने के लिए मौजूदा परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव व्ही. राधा की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक शासन निर्णय जारी किया है। समिति मौजूदा परीक्षा व्यवस्था की कमियों की पहचान करने के साथ उसमें आवश्यक सुधारों को लेकर सरकार को सुझाव देगी।
समिति की अध्यक्ष व्ही. राधा होंगी। इसमें पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, आईटी एवं एआई विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, नासिक के विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, पूर्व यूपीएससी सदस्य एयर मार्शल अजित शंकरराव भोसले (सेवानिवृत्त) और आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर श्यामप्रसाद करगड्डे को सदस्य बनाया गया है। पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी समिति के सदस्य सचिव होंगे।
समिति परीक्षा प्रक्रिया के कई महत्वपूर्ण चरणों की समीक्षा करेगी। इसमें प्रश्नपत्र की गोपनीयता, मुद्रण और डिजिटल वितरण, परिवहन, परीक्षा संचालन, प्रवेश नियंत्रण, उम्मीदवारों का प्रमाणीकरण, ऑडिट ट्रेल और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
इसके अलावा फर्जी उम्मीदवारों की पहचान, प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा से जुड़े लोगों की मिलीभगत और प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को रोकने के लिए भी नए उपाय सुझाए जाएंगे।
समिति केवल सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों तक सीमित नहीं रहेगी। वह राज्य के प्रत्येक राजस्व विभाग का दौरा करेगी और विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षा उम्मीदवारों, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा करेगी।
इन चर्चाओं और व्यापक अध्ययन के आधार पर समिति परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सरकार के इस कदम को भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। खासकर पेपर लीक और नकल जैसी शिकायतों को देखते हुए समिति की सिफारिशों पर होने वाली आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।