स्पेशल 26 स्टाइल में मुंबई में ठगी की कोशिश, फर्जी सर्च वारंट दिखाकर कारोबारी से मांगे 1 करोड़ रुपये

Mumbai Crime News: मुंबई के अंधेरी पूर्व में 'स्पेशल 26' फिल्म की तर्ज पर फर्जी आईटी व क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर दफ्तर पर छापा मारा गया और दंपती का अपहरण कर 1 करोड़ रुपये मांगे गए।
Andheri: Fake Income Tax raid conducted at an office, modeled after the movie Special 26
प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Andheri East Fake Income Tax Raid Special: अंधेरी पूर्व के चकाला इलाके में बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर फर्जी सरकारी अधिकारियों द्वारा ठगी और फिरौती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर आए एक गिरोह ने सहार कार्गो एस्टेट स्थित एक प्रमुख मेडिकल उपकरण आपूर्तिकर्ता के कार्यालय में फर्जी छापा मारा।

आरोपियों ने सबसे पहले कार्यालय के CCTV कैमरे बंद कर दिए और वहां मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने कारोबारी और उनकी पत्नी को साकीनाका स्थित उनके घर के बाहर से कथित तौर पर अगवा कर लिया। दोनों को जबरन टैक्सी में बैठाकर वापस कार्यालय लाया गया।

फर्जी सर्च वारंट दिखाकर धमकी

कार्यालय पहुंचने के बाद आरोपियों ने कारोबारी को कथित तौर पर फर्जी सर्च वारंट दिखाया। उन्होंने आयकर विभाग की कार्रवाई का डर दिखाते हुए जुर्माना भरने की धमकी दी। इसके बाद मामला रफा-दफा करने के नाम पर ₹1 करोड़ की फिरौती मांगी गई।

पीड़ित दंपती ने जब कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक कानूनी नोटिस और दस्तावेज दिखाने को कहा, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी देकर करीब तीन घंटे तक दहशत में रखा गया।

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CA और आयकर विभाग से पुष्टि के बाद खुला राज

घटना के बाद डर के कारण कारोबारी ने शुरुआत में पुलिस से संपर्क नहीं किया। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से संपर्क किया और आयकर विभाग से भी कार्रवाई की पुष्टि कराने की कोशिश की। जांच-पड़ताल में उन्हें पता चला कि उनके कार्यालय में आया गिरोह सरकारी अधिकारी नहीं था।

इसके बाद पूरे मामले में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर छापा मारने, अपहरण और फिरौती वसूलने की कोशिश का संदेह सामने आया। पुलिस अब आरोपियों की पहचान और उनकी पूरी साजिश की जांच कर रही है। घटना में इस्तेमाल किए गए वाहन, CCTV बंद करने और कर्मचारियों के मोबाइल जब्त करने जैसे पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

फिल्म ‘स्पेशल 26’ की कहानी की तरह सरकारी जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर की गई इस वारदात ने मुंबई शहर में कारोबारियों की सुरक्षा और फर्जी छापों के जरिए होने वाली ठगी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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