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मुंबई

महाराष्ट्र में लिविंग लैब पहल की शुरुआत, AI और डिजिटल तकनीक से मजबूत होंगी जमीनी स्वास्थ्य सेवाएं

Maharashtra Government: महाराष्ट्र सरकार ने AI और डिजिटल तकनीक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 'लिविंग लैब' की शुरुआत की है। इससे आम लोगों को सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।

रूपम सिंह

Maharashtra Government Living Lab Healthcare Model: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और जरूरत के मुताबिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय ‘लिविंग लैब’ की शुरुआत की है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना से शुरू की गई यह पहल ‘सभी के लिए स्वास्थ्य’ के लक्ष्य की दिशा में एक नया मॉडल पेश करती है। इसके जरिए जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए समाधान विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

वास्तविक परिस्थितियों में होंगे नए प्रयोग

लिविंग लैब में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े नए तरीकों और मॉडलों का परीक्षण वास्तविक परिस्थितियों के बीच किया जाएगा। इसमें सरकार के साथ डॉक्टर, निजी अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, तकनीकी विशेषज्ञ और सामाजिक संगठन मिलकर काम करेंगे।

इस सहयोग के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को समझकर उनके अनुरूप समाधान तैयार किए जाएंगे।

AI और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल

इस पहल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल हेल्थ, डेटा और सटीक उपचार जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के साथ उपचार की प्रक्रिया को आसान और मजबूत करना है। तकनीक के इस्तेमाल से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

निजी क्षेत्र के संसाधनों का इस्तेमाल

लिविंग लैब की एक प्रमुख विशेषता निजी क्षेत्र के संसाधनों को सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकताओं से जोड़ना है। इसके जरिए ऐसी स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं के मॉडल विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा, जो आम लोगों की पहुंच में हों और उनकी लागत भी अपेक्षाकृत कम रखी जा सके।

युवाओं के लिए कौशल और रोजगार के अवसर

इस पहल का असर केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा। स्वास्थ्य तकनीक और नए मॉडल से जुड़े क्षेत्रों में युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर तैयार करने की भी योजना है। इससे हेल्थकेयर के साथ तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिल सकती है।

‘मान्यता’ मॉडल से मिली दिशा

इस साझा प्रयास का शुरुआती उदाहरण ‘मान्यता’ मॉडल है, जो मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए काम कर रहा है। इस मॉडल के जरिए सरकारी और निजी क्षेत्र के सहयोग से मां और बच्चे की देखभाल को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

'एमएसडी फॉर मदर्स' कर रहा कार्यक्रम का समन्वय

पूरे कार्यक्रम के समन्वय की जिम्मेदारी ‘MSD for Mothers’ के पास है। इस पहल के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में समानता बढ़ाने, स्थानीय जरूरतों के अनुसार समाधान विकसित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार और विभिन्न क्षेत्रों के साझेदारों के सहयोग से लिविंग लैब को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के नए प्रयोगों के मंच के रूप में विकसित करने की योजना है।

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