

Mukhyamantri Gramin Pashudhan Udyamita Yojana: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना के नाम पर कथित फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आने के बाद राज्य सरकार और पशुपालन विभाग सक्रिय हो गए हैं।
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर योजना के नाम से फर्जी विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं। कुछ कंपनियों और लोगों द्वारा आवेदकों से दस्तावेज जमा कराने की जानकारी भी सामने आई है। सरकार ने लोगों से ऐसे किसी भी झांसे में नहीं आने की अपील की है।
पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना के लिए किसी भी गैर-सरकारी व्यक्ति या संस्था को आवेदन जमा करने अथवा लाभार्थियों से दस्तावेज लेने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।
ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों की सत्यता जांचे बिना किसी व्यक्ति या संस्था को दस्तावेज अथवा पैसे देने से बचने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन के माध्यम से उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस योजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी के आधार पर दुधारू गाय, भैंस, बकरी, भेड़, मुर्गी और सूअर जैसे पशुधन उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के लिए आय का अतिरिक्त स्रोत तैयार करना है।
योजना को पारदर्शी बनाने और लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए सरकार ऑनलाइन आवेदन प्रणाली तैयार कर रही है। इस व्यवस्था के जरिए आवेदकों से संबंधित जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा कराए जाएंगे। इनमें 7/12 उतारा, राशन कार्ड, दिव्यांग प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज शामिल हैं।
प्रस्तावित ऑनलाइन व्यवस्था में आवेदक आधार कार्ड नंबर या महाराष्ट्र सरकार के महा-डीबीटी पोर्टल से प्राप्त महा-आईडी के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। विभाग के अनुसार ऑनलाइन सिस्टम तैयार करने का काम अंतिम चरण में है और जल्द ही आवेदन मंगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पशुपालन विभाग ने लोगों से किसी भी संदिग्ध विज्ञापन या व्यक्ति के झांसे में नहीं आने की अपील की है। आवेदन प्रक्रिया को लेकर कोई समस्या या संदेह होने पर नजदीकी पशु चिकित्सालय, संबंधित पशुपालन कार्यालय या टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए योजना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा और पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ सीधे पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।