प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI) 
मुंबई

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत! जमीन बंटवारे पर अब नहीं लगेगा रजिस्ट्रेशन शुल्क

Maharashtra Land Partition Fee News: महाराष्ट्र सरकार ने कृषि भूमि बंटवारे पर रजिस्ट्रेशन शुल्क खत्म कर किसानों को बड़ी राहत दी है। इससे प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और सस्ती होगी।

आकाश मसने

Maharashtra Land Partition Fee Waiver: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों और जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। महाराष्ट्र भू-राजस्व संहिता, 1966 की धारा 85 के तहत अब सह-धारकों या परिवार के सदस्यों के बीच कृषि भूमि के बंटवारे से जुड़े दस्तावेजों पर कोई पंजीकरण शुल्क नहीं लगेगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में लिया गया है, जिसका सीधा फायदा राज्य के लाखों किसानों को मिलेगा।

क्या है नया नियम?

सरकार के फैसले के अनुसार सह-धारकों के बीच जमीन बंटवारे (Partition Deed) पर रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगेगी। पैतृक भूमि के बंटवारे पर भी शुल्क माफ किया गया है। इस सुविधा का लाभ विरासत से अधिकार पाने वाले लोग भी ले सकेंगे। खास बात यह है कि अब उन मामलों में भी राहत मिलेगी, जहां धारा 85 की पारंपरिक प्रक्रिया पूरी तरह नहीं अपनाई गई थी।

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?

इस फैसले से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ होगा। जमीन बंटवारे में लगने वाला खर्च कम होगा। कानूनी प्रक्रिया आसान और तेज होगी। छोटे और मध्यम किसानों को राहत मिलेगी। पहले जमीन बंटवारे में रजिस्ट्रेशन शुल्क के कारण कई लोग प्रक्रिया टालते थे, जिससे विवाद बढ़ते थे।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का मानना है कि इस कदम से जमीन बंटवारे की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा और पारिवारिक विवाद भी कम होंगे।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने क्या कहा?

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि यह फैसला किसानों को राहत देने और प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने लिखा कि "महाराष्ट्र भू-राजस्व संहिता, 1966 की धारा 85 के तहत, अब से सह-धारकों या परिवार के सदस्यों के बीच कृषि भूमि के बँटवारे से संबंधित दस्तावेजों (Partition Deeds) पर कोई पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा।"

उन्होंने आगे लिखा "इसके अलावा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत, उन सह-धारकों के बँटवारे के दस्तावेजों पर पंजीकरण शुल्क से छूट दी गई है, जो अपने पूर्वजों से विरासत में मिली कृषि भूमि पर अधिकार रखते हैं, और जो धारा 85 के तहत निर्धारित प्रक्रिया से गुज़रे बिना, सीधे पंजीकरण के लिए अपने दस्तावेज जमा करते हैं। इस निर्णय से भूमि बंटवारे की प्रक्रिया में सुगमता, पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है, साथ ही नागरिकों को काफी आर्थिक राहत भी मिलेगी।"

क्या बदल जाएगा अब?

महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे न सिर्फ आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और तेजी भी आएगी। इस फैसले के बाद जमीन बंटवारा आसान और सस्ता होगा। ज्यादा लोग कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवाद कम हो सकते हैं।

MLC Election Results: सभी सीटों के परिणाम जारी, यहां देखें पूरी लिस्ट; नागपुर और वाराणसी में फंसा पेच

Cyclone Arnab Update: 150 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएं, अब इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

6,337 वाली दवा अब 1,495 में मिलेगी, कैंसर की किन दवाओं के कितने घटे दाम? देखें लिस्ट

BIG BREAKING: CJP ने दिया कांग्रेस के 1 नवंबर की महारैली को समर्थन, अभिजीत दिपके ने किया ऐलान

Seva First Innovation: महाराष्ट्र में इनोवेशन चैलेंज की धूम, 7,952 नए विचार पेश; 30 अक्टूबर तक करें आवेदन