Mumbai Local Train अब पाताल में भी चलेगी! चर्चगेट-विरार और CSMT-कल्याण के बीच भूमिगत मार्ग बनाने की तैयारी

Mumbai Local Train News: मुंबई लोकल की भारी भीड़ को कम करने के लिए रेलवे अब जमीन के नीचे (Subway) ट्रैक बिछाने की तैयारी में है। चर्चगेट-विरार और CSMT-कल्याण के बीच इस बड़े प्रोजेक्ट पर मंथन शुरू।
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मुंबई लोकल ट्रेन (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai Underground Local Train Project: मायानगरी की लाइफलाइन कही जाने वाली मुंबई लोकल अब एक नए अवतार में नजर आ सकती है। मुंबई उपनगरीय रेलवे की भारी भीड़ को विभाजित करने और यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए मध्य और पश्चिम रेलवे ने भूमिगत रेलवे मार्ग (Underground Railway Route) के विकल्प पर गंभीरता से काम करना शुरू कर दिया है।

क्यों पड़ी अंडरग्राउंड ट्रैक की जरूरत?

मुंबई जैसे घने बसे शहर में अब जमीन पर नए ट्रैक बिछाने के लिए जगह की भारी किल्लत है। रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमीन का अधिग्रहण और अतिक्रमण हटाना है, जो न केवल खर्चीला है बल्कि इसमें सालों का समय लग जाता है। इन्ही कारणों से कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लंबे समय से लटके हुए हैं।

अंडरग्राउंड मार्ग से क्या होंगे फायदे?

  • हादसों में कमी: रेलवे ट्रैक पार करते समय होने वाली मौतों का आंकड़ा सबसे अधिक है। अंडरग्राउंड मार्ग से यह खतरा शून्य हो जाएगा।
  • समय बचेगा: रेलवे ट्रैक पर बाहरी हस्तक्षेप न होने से ट्रेनों के परिचालन में सटीकता आएगी।
  • भीड़ नियंत्रण: स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।

इन रूटों पर टटोली जा रही है संभावना

पश्चिम रेलवे ने चर्चगेट से विरार के बीच भूमिगत मार्ग की व्यवहार्यता (Feasibility) जांच के लिए रेलवे बोर्ड से अनुमति मांगी है। वहीं, मध्य रेलवे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से कल्याण के बीच इसी तरह के प्रोजेक्ट पर विचार कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, चर्चगेट से डहाणू के बीच रोजाना 30 लाख और CSMT से कसारा/कर्जत के बीच 38 लाख यात्री सफर करते हैं। इतनी विशाल संख्या को संभालने के लिए अब पारंपरिक रास्तों के बजाय आधुनिक विकल्पों की तलाश अनिवार्य हो गई है।

CM फडणवीस ने किया ये ऐलान

चर्चगेट और दहानू के बीच रोजाना लगभग 30 लाख यात्री सफर करते हैं, जबकि CSMT और कसारा/कर्जत के बीच 38 लाख यात्री आते-जाते हैं। इसलिए, यह संभावना है कि यात्रियों की आवाजाही के प्रबंधन की योजना को व्यवहार्यता मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा। मुंबई में ट्रैफिक की भीड़ की समस्या का समाधान सुझाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तेज आवाजाही को आसान बनाने के लिए जेमीन के नीचे सुरंगों का एक नेटवर्क बनाने की योजनाओं की घोषणा की है। अगले पांच सालों में, कुल 70 किलोमीटर लंबी जमीन के नीचे सड़कें बनाने की योजना है, जिसमें एक पूर्व-पश्चिम कनेक्टर (10 किमी), एक उत्तर-दक्षिण कनेक्टर (44 किमी), और वर्ली सी-लिंक से हवाई अड्डे तक एक लिंक (16 किमी) शामिल है।

मेट्रो और बुलेट ट्रेन से प्रेरणा

मुंबई में पहले ही 'मेट्रो 3' (कफ परेड से आरे) का सफल संचालन हो रहा है, जो पूरी तरह भूमिगत है। इसके अलावा, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का मुंबई हिस्सा भी सुरंग से गुजरेगा, जिसकी खुदाई जल्द शुरू होने वाली है। मुंबई रेलवे विकास निगम (MRVC) के अध्यक्ष विलास वाडेकर के अनुसार, चर्चगेट से मुंबई सेंट्रल के बीच तकनीकी अध्ययन शुरू हो चुका है और अंतिम निर्णय केंद्र व राज्य सरकार की सहमति के बाद लिया जाएगा।

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