नवनीत राणा-प्यारे खान पर भड़के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, अमरावती केस को लेकर विजय वडेट्टीवार को भी दी नसीहत

Chandrashekhar Bawankule On Amravati Case: अमरावती के परतवाडा यौन शोषण मामले पर नवनीत राणा और विजय वडेट्टीवार के बीच जुबानी जंग से गर्माया माहौल। मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी सख्त हिदायत।
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चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chandrashekhar Bawankule Warns Navneet Rana: अमरावती जिले के परतवाडा में हुए बहुचर्चित लैंगिक शोषण और ब्लैकमेलिंग कांड ने पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मुख्य आरोपी अयान अहमद के काले कारनामों के खुलासे के साथ-साथ अब इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच 'वाकयुद्ध' तेज हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा द्वारा दिए गए बयानों के बाद राजनीति और अधिक गरमा गई है।

नवनीत राणा और विजय वडेट्टीवार में जुबानी जंग

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नवनीत राणा के बयानों पर जहरीली टिप्पणी करते हुए उन्हें 'जातीय जहर फैलाने वाली विषवल्ली' करार दिया। वडेट्टीवार की इस व्यक्तिगत टिप्पणी पर नवनीत राणा ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। उन्होंने वडेट्टीवार को 'चिल्लर' (तुच्छ) लोग कहकर संबोधित किया। इन बयानों से अमरावती का सामाजिक वातावरण तनावपूर्ण होने की आशंका बढ़ गई है।

चंद्रशेखर बावनकुले ने दी सख्त चेतावनी

नेताओं के बीच बढ़ते इस विवाद को देखते हुए भाजपा नेता और प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेताओं के साथ-साथ विपक्षी नेताओं को भी नसीहत दी है। बावनकुले ने कहा कि परतवाडा जैसे संवेदनशील मामले पर बोलते समय नवनीत राणा, अनिल बोंडे, प्यारे खान या विजय वडेट्टीवार, किसी को भी गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है, इसलिए बिना आधिकारिक जानकारी के माहौल खराब करना गलत है।

बावनकुले ने आगे अपील की कि अमरावती के शांतिपूर्ण वातावरण को दूषित न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने मामले की प्राथमिक जानकारी साझा की है और भविष्य में भी आधिकारिक अपडेट दिए जाएंगे।

कांग्रेस पर बोला तीखा हमला

इसी दौरान मंत्री बावनकुले ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक में बाधा डालकर कांग्रेस ने 'राजनीतिक भ्रूणहत्या' की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वजह से महाराष्ट्र की 150 महिलाएं विधानसभा में पहुंचने से वंचित रह गईं। साथ ही, यवतमाल में आदिवासी लड़कियों के लापता होने के गंभीर विषय पर उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके भी इसे गंभीरता से ले रहे हैं।

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