महाराष्ट्र रेत माफिया एक्शन (सौ. डिजाइन फोटो ) 
मुंबई

रेत माफियाओं पर सरकार सख्त, मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स

Maharashtra Government Action Against Sand Mafia: महाराष्ट्र सरकार रेत माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करेगी। स्टैम्प ड्यूटी घोटाले की विशेष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

अपूर्वा नायक

Maharashtra Government Action Against Sand Mafia News: महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि रेत माफियाओं के साथ मिलीभगत कर उनका साथ देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए अब एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।

उन्होंने यह घोषणा गुरुवार को विधानसभा में की। बावनकुले ने कहा कि सरकार इस तरह के संगठित अपराधियों के खिलाफ 'महाराष्ट्र खतरनाक गतिविधियों के रोकथाम अधिनियम (एमपीडीए) एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है हम लोगों ने तस्करों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत को समस्या को लेकर मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की है।

विधान मंडल के चल रहे मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने राज्य में बालू माफियाओं और उनको संरक्षण देने वाले अधिकारियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में रेत और मिनरल तस्करों ने डिप्टी तहसीलदार गवारे के शरीर पर ट्रक चढ़ा कर उन्हें मारने की कोशिश की।

इजाजत लेने में लग गए 10 दिन

हैरानी की बात यह है कि एक आईएएस अधिकारी ने केस दर्ज करने की इजाजत देने में 10 दिन लगा दिए। उसके बाद केस दर्ज हुआ और कार्रवाई हुई। एक्शन लेने में देरी से अधिकारियों और तस्करों के बीच की मिलीभगत साफ तौर पर सामने आ रही है। बावनकुले ने विश्वास दिलाया कि जिन जिम्मेदार अधिकारियों के अंडर में ये तस्कर पलते हैं, उनके खिलाफ अब सीधी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्टैम्प घोटाले की एजी करेंगे जांच

चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में घोषणा की है कि राज्य में मुद्रांक शुल्क (स्टैम्प ड्यूटी) निर्धारण के मामलों में हुए कथित भ्रष्टाचार की महालेखाकार (एजी) के विशेष कार्य बल के माध्यम से गहराई से जांच की जाएगी।

नवी मुंबई में अनधिकृत इमारतों के दस्तावेजों का अवैध पंजीकरण कर सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का चूना लगाने वाले दोषी अधिकारियों को केवल निलंबित न करके सीधे सेवा से बर्खास्त किया जाएगा, विधायक जितेंद्र आव्हाड द्वारा सदन में उठाए गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने यह जानकारी दी।

नवी मुंबई में एक वरिष्ठ लिपिक ने मुद्रांक अधिकारी का कार्यभार संभालने के महज 10 दिनों के भीतर 800 से अधिक दस्तावेजों का अवैध पंजीकरण कर दिया। इस अधिकारी ने एमआरटीपी कानून 1966 और मुद्रांक अधिनियम 1908 के प्रावधानी का उल्लंघन कर अवैध इमारतों का पंजीकरण किया जिससे सरकार को 13 करोड़ 99 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ।

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