

Maharashtra Assembly Monsoon Session Focus On Farmers Women Bill: राज्य में कमजोर मानसून, जलसंकट और खेती से जुड़ी बढ़ती चिंताओं के बीच महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। सरकार ने इस सत्र में महिला किसानों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उन्हें कानूनी दर्जा देने वाला महत्वपूर्ण विधेयक सहित कुल 10 विधेयक पेश करने की तैयारी की है। इसी कारण इस बार सत्र में किसानों, पानी और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है।
सत्र की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रही है। उन्होंने बताया कि महिला किसानों को कानूनी पहचान और अधिकार देने वाला विधेयक सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को औपचारिक मान्यता मिलेगी और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 36 हजार 585 करोड़ रुपए की कर्जमाफी का निर्णय लिया है, जिससे लगभग 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी का उद्देश्य किसानों को राहत देना है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एल नीनो के प्रभाव के कारण राज्य में सामान्य से कम बारिश की स्थिति बनी हुई है। कई क्षेत्रों में वर्षा का गंभीर अभाव है और बांधों में जल संग्रहण भी कम हुआ है। सरकार ने पेयजल को प्राथमिकता देते हुए सिंचाई के लिए पानी छोड़ने पर नियंत्रण लगाया है। उन्होंने किसानों से पर्याप्त वर्षा होने तक बुवाई में जल्दबाजी नहीं करने की अपील की।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष से सत्र के दौरान राजनीति से ऊपर उठकर जनता और किसानों के मुद्दों पर चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने और किसानों की समस्याओं पर सार्थक चर्चा के लिए तैयार है। शिंदे ने दावा किया कि महायुति सरकार ने किसानों, महिलाओं और विकास कार्यों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं और आगे भी किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा।