Maharashtra Fuel Shortage Rumours: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति को देखते हुए राज्य में ईंधन का कोई संकट नहीं है। उन्होंने महाराष्ट्र में ईंधन की कमी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की सप्लाई जरूरत के हिसाब से पर्याप्त है।
सीएम ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि लोगों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। अफवाहों से अक्सर पैनिक बाइंग शुरू हो जाती है और लोग ज्यादा मात्रा में ईंधन खरीदने और स्टोर करने के लिए फ्यूल स्टेशनों पर भागते हैं। डिमांड में यह अचानक बढ़ोतरी नॉर्मल सप्लाई चेन में रुकावट डालती है और फ्यूल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पर कृत्रिम दबाव डालती है।
इससे पहले खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा था कि राज्य के पास एक महीने के लिए पेट्रोल डीजल का स्टॉक है। इस वजह से भी हड़कंप मच गया। हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई संकट नहीं है, सरकार को ईंधन की कमी के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अगर शिकायत मिलती है तो इसका तुरंत समाधान किया जाएगा।
हाल ही में वाशिम जिले के एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी के बीच सैकड़ों लोग ईंधन खरीदने के लिए जमा हो गए, जिसके बाद हिंसक झड़प हो गई। एक ईंधन टैंकर के परिसर में प्रवेश करते ही लगभग 400 से 500 लोग वाहनों और ईंधन के डिब्बों के साथ पंप पर पहुंच गए। ईंधन उतारने की प्रक्रिया के दौरान, लाइन में इंतजार कर रहे लोगों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद वहां कुछ लोगों ने हमला शुरू कर दिया। खास कर महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में लोग पैनिक होकर पेट्रोल व डीजल खरीदने के लिए पेट्रोल पंपों के बाहर लाइन लगा रहे हैं।
राज्य के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही है और कई जगहों पर आपूर्ति बाधित होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर विवाद और झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार नाम की कोई व्यवस्था नहीं बची है, सिर्फ विज्ञापनों का बाजार' रह गया है। उन्होंने दावा किया कि जलगांव में पेट्रोल पंप कर्मचारी पर हमला हुआ, बुलढाणा में लोग 12 घंटे तक कतार में खड़े रहे, और अकोला में इंधन के लिए झड़पे हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नागपुर में पुलिस वाहनों के लिए डीजल तक उपलब्ध नहीं है। उधर राकां (शरद गुट) के नेता जयंत पाटिल ने सवाल उठाया है कि क्या डबल इंजन सरकार के इंजन का तेल भी खत्म हो गया है?
राज्य सरकार की तरफ से भले ही यह दावा किया जा रहा है कि ईंधन का संकट नहीं है लेकिन पुणे, पालघर, बुलढाणा और वाशिम समेत कई जिलों में ईंधन आपूर्ति में व्यवधान के कारण पेट्रोल पंपों के बाहर नो फ्यूल के बोर्ड लटके हुए देखे गए। बुलढाणा में भी लोगों को पेट्रोल डीजल की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
ये भी पढ़ें :- Ashok Kharat Case: ED के सवालों से छूटे खरात के पसीने, हिसाब किताब मांगने पर जुबान पर लगा ताला
छत्रपति संभाजीनगर के वैजापुर तालुका स्थित महालगांव में पेट्रोल पंप पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपनी गाडियों के साथ बड़ी-बड़ी कैन लेकर पेट्रोल पप पर पहुंचे। इस दौरान पेट्रोल पंप पर ट्रैक्टर, चार पहिया और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिसकी वजह से वहां जाम तक की स्थिति बन गई। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई।