महाराष्ट्र FDA ने 9 करोड़ रुपये से अधिक के खाद्य उत्पाद जब्त किए।
छत्रपति संभाजीनगर में 2,279 लीटर पतंजलि घी भी जब्त।
19 कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित, 13 FIR दर्ज और 16 गिरफ्तार।
Maharashtra FDA Crackdown Food: दिवाली से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने राज्यव्यापी अभियान चलाया। इस दौरान 9 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। जब्त सामान में पतंजलि ब्रांड का गाय का घी भी शामिल है।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सभी सात प्रशासनिक विभागों में 114 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। नियमों और साफ-सफाई में गंभीर कमियां मिलने पर 19 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए।
अभियान के तहत एफडीए ने छत्रपति संभाजीनगर में एक डिस्ट्रीब्यूटर के पास से करीब 20 लाख रुपये मूल्य का 2,279 लीटर पतंजलि गाय का घी जब्त किया।
अधिकारियों के मुताबिक, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों के तहत गलत लेबलिंग और मिलावट के संदेह में यह कार्रवाई की गई। हालांकि, जब्ती अपने आप में मिलावट साबित नहीं करती। उत्पाद की जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे बड़ी जब्ती कोंकण विभाग में हुई। ठाणे जिले के भिवंडी में एक स्थान से विभिन्न ब्रांडों का 1.44 लाख किलोग्राम से अधिक खाद्य तेल जब्त किया गया। इसके अलावा पुणे, सतारा, सोलापुर और छत्रपति संभाजीनगर में भी कार्रवाई की गई। इन जगहों से खाद्य तेल, चावल, दाल और गुड़ सहित कई उत्पाद जब्त किए गए।
एफडीए के अभियान में मसाले, आटा, डेयरी उत्पाद, मिठाइयां, स्नैक्स, ड्राई फ्रूट्स और बेकरी के सामान की भी जांच की गई। मुंबई में निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में गंदगी, कीड़े-मकोड़े, जरूरी दस्तावेजों की कमी और खाद्य पदार्थों के भंडारण में लापरवाही जैसी खामियां पाई गईं।
28 से 31 अक्टूबर के बीच प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ चलाए गए एक अलग अभियान में एफडीए ने 17 प्रतिष्ठानों से 79.4 लाख रुपये का सामान जब्त किया। इस कार्रवाई में 13 एफआईआर दर्ज की गईं, 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया, सात प्रतिष्ठानों को सील किया गया और छह वाहन जब्त किए गए।
त्योहारी सीजन में एफडीए ने लोगों से केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खाद्य उत्पाद खरीदने की अपील की है। विभाग ने बिना लेबल वाले या खुले खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी है। खरीदारी करते समय पैकेट पर दर्ज सामग्री, बैच नंबर, पैकिंग और एक्सपायरी की तारीख जरूर जांचें। किसी उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत करें।