

मराठवाड़ा के 76 चयनित स्कूलों के लिए 18.45 करोड़ रुपये मंजूर।
भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर आदर्श स्कूल योजना के तहत होगा विकास।
स्कूलों में इंटीग्रेटेड क्लासरूम, एस्ट्रोनॉमी लैब और टिंकरिंग लैब स्थापित होंगी।
8.32 करोड़ रुपये पूर्ण हो चुके कार्यों और 10.13 करोड़ रुपये शेष कार्यों के लिए प्रस्तावित।
निधि का इस्तेमाल वित्त वर्ष 2026-27 के बजटीय प्रावधान से निर्धारित कार्यों पर होगा।
Sambhajinagar 76 School Scheme 18Crore Funds Approved: मराठवाड़ा के 76 चयनित स्कूलों के कायाकल्प के लिए राज्य सरकार ने 18.45 करोड़ रुपये की निधि मंजूर की है। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर आदर्श स्कूल योजना के तहत इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, एस्ट्रोनॉमी लैब और टिंकरिंग लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
छत्रपति संभाजीनगर के सरकारी स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर आदर्श स्कूल योजना के तहत क्षेत्र के 76 चयनित विद्यालयों के विकास के लिए 18 करोड़ 45 लाख रुपये की निधि मंजूर की गई है। इससे इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, खगोल विज्ञान प्रयोगशालाएं और टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है।
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम अमृत महोत्सव की पृष्ठभूमि में घोषित इस योजना का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सेनानियों के मूल गांवों में शैक्षणिक सुविधाओं का विकास करना है। इसके तहत स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के एक-एक स्कूल को योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया था।
मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार, स्कूली शिक्षा विभाग ने 14 अक्टूबर 2024 के शासनादेश के तहत मराठवाड़ा के 76 विद्यालयों को आदर्श स्कूल घोषित किया था। अब इन स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने के लिए निधि मंजूर की गई है।
योजना के तहत प्री-फैब्रिकेटेड पद्धति से इंटीग्रेटेड क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक की व्यावहारिक जानकारी देने के लिए एस्ट्रोनॉमी लैब तथा टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएंगी। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य परियोजना संचालक, महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षा परिषद ने इन कार्यों के लिए सरकार से निधि की मांग की थी। प्रस्ताव में शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुके कार्यों के लिए 8.32 करोड़ रुपये और स्कूलों में बदलाव के सुझावों के चलते शेष कार्यों के लिए 10.13 करोड़ रुपये की निधि प्रस्तावित की गई थी।
इस तरह कुल 18.45 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। स्कूली शिक्षा विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। यह राशि वित्त वर्ष 2026-27 के स्वीकृत बजटीय प्रावधान से खर्च की जाएगी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि मंजूर निधि का इस्तेमाल केवल निर्धारित कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा। अब योजना के तहत प्रस्तावित सुविधाओं को जमीन पर उतारने और काम समय पर पूरा करने की चुनौती रहेगी।
इस निर्णय से मराठवाड़ा के चयनित स्कूलों में शैक्षणिक ढांचे को आधुनिक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।