Maharashtra Open Cooking Oil Ban: महाराष्ट्र के अन्न और औषधि प्रशासन ने राज्य में अब खुले में बिकने वाले खाने के तेल पर प्रतिबंध लगा दिया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को नियमों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मुंढे ने बताया कि जांच के दौरान कई जगह तेल में मिलावट, बिना लाइसेंस कारोबार और पुराने तेल को नए तेल के नाम पर बेचने जैसी गड़बड़ियां सामने आई हैं। अब ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य तेल लोगों के रोजाना के खान-पान से जुड़ा है और इसकी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
पदार्थ के मामले में 10 लाख तक जुर्माना और जेल की सजा, घटिया तेल पर 5 लाख तक, गलत लेबल वाले तेल पर 3 लाख तक और मिलावट करने वाले पदार्थ रखने पर 10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बिना वैध लाइसेंस कारोबार करने और भ्रामक विज्ञापन देने पर भी 10 लाख तक जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किया जा सकता है।
एफडीए ने उन कंटेनरों के दोबारा इस्तेमाल पर भी रोक लगाई है जिनमें पहले खनिज तेल, लुब्रिकेंट, पेंट या अन्य रसायन रखे गए हो। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे डिब्बों से खाद्य तेल में धातु या रासायनिक पदार्थों के मिल जाने का खतरा रहता है।
जग लगे, टूटे या खराब टिन के बर्तनों में खाद्य तेल रखना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। एक बार इस्तेमाल के लिए बने टिन के डिब्बों को दोबारा खाद्य पैकेजिंग में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
तुकाराम मुंढे ने कहा कि कई होटल और अन्य प्रतिष्ठान इस्तेमाल किए हुए तेल को दोबारा इस्तेमाल करने के साथ-साथ उसे नए तेल के रूप में बेचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे रैकेट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बार-बार गर्म किए गए तेल में हानिकारक तत्व बढ़ सकते हैं। ऐसे तेल में टोटल पोलर कंपाउंड की मात्रा 25 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। नए तेल में टीपीसी की मात्रा 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।