मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी प्रमुख शरद पवार (सोर्स: सोशल मीडिया )
मुंबई

सूखे से निपटने के लिए तैयार है महाराष्ट्र सरकार, देवेंद्र फडणवीस बोले- शरद पवार के सुझावों का स्वागत

Maharashtra Drought Situation: महाराष्ट्र में कम बारिश से सूखे जैसे हालात पर शरद पवार ने तत्काल सूखा घोषित कर राहत की मांग की। फडणवीस और शिंदे ने फसल नुकसान का आकलन कर मदद का भरोसा दिया।

आलोक उमाकृष्ण

CM Fadnavis Responds To Sharad Pawar Demand: महाराष्ट्र में कम बारिश के कारण कई इलाकों में पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा तेज हो गई है।

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और सूखा घोषित करने की मांग की थी। इसके जवाब में फडणवीस ने कहा कि सरकार स्थिति को गंभीरता से ले रही है और किसानों के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

सूखे की स्थिति पर सरकार की नजर

फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार का कृषि ऋण माफी कार्यक्रम सक्रिय रूप से चल रहा है। तीन लाभार्थियों की सूचियां प्रकाशित की जा चुकी हैं और सभी पात्र किसानों को सहायता मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सूचियां तैयार की जा रही हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) प्रोटोकॉल के अनुसार 5 अक्टूबर से किए गए फसल क्षति आकलन (पंचनामा) केंद्रीय वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे।

चारा और पेयजल की व्यवस्था पर जोर

उन्होंने आगे कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चारा शिविरों और पेयजल आपूर्ति को लेकर भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने शरद पवार के सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार रचनात्मक सुझावों को शामिल करने के लिए तैयार है।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि फसल नुकसान और स्थानीय परिस्थितियों के आकलन के आधार पर आगे की सहायता पर निर्णय लिया जाएगा।

किसानों के साथ खड़ी रहेगी सरकार

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी वर्षा की स्थिति और फसल नुकसान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में कम बारिश के कारण खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। शिंदे के मुताबिक, वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा रहा है और उसके आधार पर प्रभावित किसानों को सहायता दी जाएगी।

पवार ने की तत्काल सूखा घोषित करने की मांग

शरद पवार ने अपने पत्र में राज्य के कई हिस्सों में कम बारिश से सोयाबीन, कपास, बाजरा, मक्का, अरहर, मूंग और उड़द जैसी फसलों को नुकसान होने का दावा किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सूखा घोषित करने, किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 25 हजार रुपये की सहायता देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कृषि ऋण माफी लागू करने और नए फसल ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

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