

Eknath Shinde Statesmanship Award: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लंदन स्थित ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित महाराष्ट्र, इंडिया, यूके डायलॉग’के दौरान स्टेट्समैनशिप अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
वर्ल्ड लीडरशिप फोरम की ओर से दिए गए इस सम्मान में महाराष्ट्र के विकास के लिए उनके नेतृत्व, सार्वजनिक सेवा और राज्य की प्रगति में योगदान को रेखांकित किया गया। बैरोनेस गीता नरगुंड, लॉर्ड रेमिरेंजर और लॉर्ड रवेल के हाथों शिंदे को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
सम्मान ग्रहण करने के बाद उपमुख्यमंत्री शिंदे ने मराठी भाषा में अपने भाषण की शुरूआत करते हुए ब्रिटिश उद्योगपतियों और निवेशकों से महाराष्ट्र में निवेश का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पर्यावरण का ध्यान रखते हुए विकास के नए मॉडल पर आगे बढ़ रहा है।
ग्रीन कैपिटल और अत्याधुनिक तकनीक लेकर महाराष्ट्र आइए। राज्य की विशाल बाजार क्षमता, कुशल मानव संसाधन और मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ मिलकर पर्यावरण अनुकूल विकास की नई साझेदारी तैयार करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और वे महाराष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं।
राज्य में एफडीआई का हिस्सा और बढ़ाने का लक्ष्य है। भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते को दोनों देशों के लिए बड़े अवसर के रूप में बताते हुए उन्होंने ब्रिटिश कंपनियों को लंदन में डिजाइन और महाराष्ट्र में उत्पादन की साझेदारी का प्रस्ताव दिया।
अपने संबोधन की शुरुआत मराठी में करते हुए शिंदे ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंध केवल सरकार और व्यापार तक सीमित नहीं हैं। भारतीय मूल के नागरिकों, विद्यार्थियों, उद्योग और लोगों के आपसी रिश्तों ने दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु बनाया है।
पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत की है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्किल इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों ने देश के विकास को नई दिशा दी है।
शिंदे ने महाराष्ट्र की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे समृद्धि महामार्ग, अटल सेतु, वाढवण बंदरगाह, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र 2030 तक अपनी बिजली जरूरतों का 50 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा से पूरा करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, फिनटेक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में ब्रिटिश कंपनियों के लिए महाराष्ट्र राज्य में बड़े अवसर हैं।
लंदन में निवेशकों के साथ एक अलग बैठक में शिंदे ने दुनिया भर में रह रहे मराठी उद्यमियों और उद्योगपतियों की ताकत को महाराष्ट्र के विकास से जोड़ने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर फैले मराठी उद्यमियों को एकसाथ लाकर उनकी विशेषज्ञता और पूंजी का उपयोग राज्य के विकास में किया जाना चाहिए। इसके लिए एक व्यापक अपेक्स बॉडी गठित करने की दिशा में काम करने के संकेत भी उन्होंने दिए।
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर उन्होंने कहा कि सीमावर्ती मराठी भाषी लोगों के अधिकारों के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार दृढ़ है और इस विषय पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा की जाएगी।
वहीं प्रशासनिक कामकाज को गति देने के लिए अपनी कार्यशैली का उल्लेख करते हुए शिंदे ने कहा कि उनका मंत्र ‘नो रीज़न, ओनली डिसीजन’ है,यानी अनावश्यक कारण बताए बिना मौके पर निर्णय लेकर विकास को गति देना है।