

Vijay Wadettiwar Demands High Level Probe: गड़चिरोली-चामोर्शी मार्ग पर शिवनी के पास शुक्रवार को एसटी बस के स्टीयरिंग लॉक होने के बाद बस पलट गई। हादसे में यात्रियों के घायल होने की पुष्टि कई रिपोर्टों में हुई है, हालांकि घायलों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अपने X/Twitter पोस्ट में हादसे को लेकर सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बस में 68 यात्री सवार थे और 31 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वडेट्टीवार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और जर्जर बसों को सेवा से हटाने की मांग की है।
रिपोर्टों के अनुसार, गड़चिरोली से चामोर्शी/पोटेगांव की ओर जा रही बस रास्ते में अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। प्रारंभिक जानकारी में बस का स्टीयरिंग लॉक होना हादसे की वजह बताया जा रहा है। बस के पलटते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की।
दुर्घटना में कई यात्री घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए गड़चिरोली जिला अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद पुलिस और संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू की। अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
विजय वडेट्टीवार ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में हाल के दिनों में एसटी बसों में सामने आई तकनीकी खराबी की घटनाओं का हवाला देते हुए बसों की फिटनेस और यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को बसों की तकनीकी स्थिति की व्यापक जांच करानी चाहिए।
वडेट्टीवार ने मांग की कि जिन बसों की हालत खराब है या जो यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के मानकों पर खरी नहीं उतरतीं, उन्हें तत्काल सेवा से बाहर किया जाए। उन्होंने एसटी प्रशासन से नियमित जांच और समय पर रखरखाव सुनिश्चित करने की भी मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
विजय वडेट्टीवार ने हादसे में घायल यात्रियों को बेहतर और मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की मांग की।
बस दुर्घटना में घायल हुए यात्रियों में सुनंदा रोहिदास उसेंडी (35), आरती रमेश चतारे (22), अश्विनी मनोज खेडेकर, (21), रीना यादव निकुरे (21), अनिता बापूजी मोहुर्ले (60), रुतुजा सुनील बारसागडे (18), रसिका भिवाजी बारसागडे (65), शांताबाई यादव सोयाम (70), गणेश श्रावण सोरते (55), गजानन परशुराम बाबनवडे (55), सुमनबाई सोनाजी उसेंडी (60), तुलशीराम गणपत वाटगुरे (76), निर्मला तुलाराम दामले (65), लक्ष्मीबाई तुलाराम दरडे (65), बापूजी करसाय (50), राजपाल कवडू मडावी (75), सुचिता राजेश मेश्राम (37), बस चालक रुपचंद सिकंदर शेडमाके (48), परिचालक तुलशीराम कुराडे (54) आदि का समावेश है।