Dongri Police Seized Leopard Skin: दक्षिण मुंबई की डोंगरी पुलिस ने संरक्षित वन्यजीव तेंदुए की खाल की अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से तेंदुए की खाल बरामद की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई तेंदुए की खाल की प्राथमिक अनुमानित कीमत करीब 30 लाख बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डोंगरी थाने के जांच अधिकारी बालासाहेब कानवडे की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि डोंगरी इलाके में एक व्यक्ति वन्यजीव तेंदुए की खाल बेचने के इरादे से आने वाला है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक बालासाहेब कानवडे के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक सुनील रणदिवे, हवलदार विशाल सोनवणे और कांस्टेबल सुरज धायगुडे की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने इलाके में नाकाबंदी कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 9 अगस्त 2026 को ताड़देव (मुंबई) निवासी आरोपी निखिल सोनावणे को संदिग्ध अवस्था में हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 2.5 किलोग्राम वजन की तेंदुए की खाल बरामद हुई।
हालांकि, जब्त की गई खाल की आधिकारिक पुष्टि और वास्तविक मूल्य निर्धारण के लिए इसे सक्षम वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों के पास फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
डोंगरी पुलिस ने आरोपी निखिल सोनावणे के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 2, 9, 39(2), 39(3), 51 और 52 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक सुनील रणदिवे कर रहे हैं। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को यह खाल कहां से मिली, इसके पीछे कौन-सा बड़ा वन्यजीव तस्कर गिरोह काम कर रहा है और इस सौदे में कौन-कौन लोग शामिल थे।