तेंदुआ खाल तस्करी मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, खाल बरामद, वन विभाग की जांच तेज

Leopard Skin Smuggling: मेलघाट के हरिसाल वन परिक्षेत्र में तेंदुआ खाल तस्करी मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। उसके पास से तेंदुए की बची हुई खाल और अन्य अवशेष बरामद किए गए हैं।
melghat leopard skin smuggling case fourth accused arrested
Leopard Skin Smuggling (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Updated on

Harisal Forest Range: मेलघाट के हरिसाल वन परिक्षेत्र में तेंदुए की खाल तस्करी मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। पहले गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वन विभाग ने एक और आरोपी को हिरासत में लिया है। साथ ही उसके कब्जे से तेंदुए की बची हुई खाल और कुछ अवशेष भी बरामद किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 5 बजे हरिसाल गांव के समीप वन विभाग के जांच नाके पर तेंदुए की खाल की तस्करी करते हुए मध्यप्रदेश निवासी मांगीलाल युवने, दीपक उइके और कमल ठाकुर को गिरफ्तार किया गया था। मामले में धारणी न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 15 जून तक वन हिरासत में भेज दिया था।

तेंदुआ खाल तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश

वन विभाग ने हिरासत में लिए गए आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान हरिसाल वन परिक्षेत्र, क्राइम सेल तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें मध्यप्रदेश पहुंचीं। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर वन विभाग ने मध्यप्रदेश के झिरपा गांव निवासी महेंद्रसिंह मंडलोई 30 को भी हिरासत में लिया है। और भी होंगे गिरफ्तारवन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महेंद्रसिंह मंडलोई के पास से तेंदुए की शेष खाल तथा कुछ अन्य अवशेष बरामद किए गए हैं।

मध्यप्रदेश से एक और गिरफ्तारी

बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की जांच की जा रही है।सूत्रों के मुताबिक, तेंदुआ खाल तस्करी के इस नेटवर्क में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका है। वन विभाग की जांच टीम मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और मध्यप्रदेश में भी अलगअलग स्थानों पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com