प्रवीण दरेकर (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Mumbai: जीजामाता नगर रीडेवलपमेंट का मामला, दरेकर के आश्वासन पर रहवासियों ने तोड़ा अनशन

Mumbai: जीजामाता नगर स्लम रीडेवलपमेंट की देरी से नाराज़ रहवासियों ने अनशन किया। प्रवीण दरेकर के आश्वासन पर अनशन खत्म हुआ। मामला शीत सत्र में उठेगा, वरना 16 दिसंबर के बाद आंदोलन तेज होगा।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: कालाचौकी स्थित बहुप्रतीक्षित जीजामाता नगर स्लम रीडेवलेपमेंट का मामला तूल पकड़ने के बाद रहवासियों को मनाने की कोशिश की गई है। अब इस मामले पर नागपुर शीत सत्र में चर्चा होगी और आगे का निर्णय लिया जाएगा।

भाजपा नेता प्रवीण दरेकर के आश्वासन के बाद धरने पर बैठे रहवासियों ने अपना अनशन तोड़ दिया है, ओम शांति बिल्डर के खिलाफ स्थानीय रहिवासी पिछले गुरुवार से अनशन पर बैठे थे। उनका आरोप है कि यह परियोजना पिछले 25 साल से रुकी हुई है।

अभी तक डेवलपर ने एक ईंट भी नहीं रखी है। यह परियोजना डेवलपर से वापस ली जाए और सरकार क्लस्टर योजना के तहत स्लम का रीडेवलपमेंट करे। लोगों ने पक्का भरोसा मिलने तक भूख हड़ताल खत्म नहीं करने का फैसला किया था।

भाजपा नेता दरेकर के बाद माने रहिवासी

  • भाजपा नेता व एमएलसी प्रवीण दरेकर ने भूख हड़ताल पर बैठे लोगों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि यह मुद्दा शीत सत्र में उठाया जाएगा। इस भरोसे के बाद लोगों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि चेतावनी दी गई है कि अगर 16 दिसंबर तक यह भरोसा नहीं निभाया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा, स्थानीय रहवासी सत्यवान सावंत के अनुसार दरेकर ने आश्वासन दिया है कि यदि 51 प्रतिशत रहिवासी सहमति पत्र दे तो डेवलपर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  • जीजामाता नगर में 3,000 से ज्यादा स्लम के रीडेवलपमेंट का प्रोजेक्ट एक प्राइवेट डेवलपर को दिया गया था। इसके लिए एसआरए ने जरूरी परमिशन और एनओसी दी थी। डेवलपर ने 10 एकड़ में 3,000 स्लम की जगह सिर्फ 150 झोपडे खाली करके उन्हें गिरा दिया, जिन लोगों ने अपने घर खाली कर दिए थे, उन्हें छाउस रेट देना शुरू कर दिया गया था, लेकिन डेवलपर ने रीडेवलपमेंट का काम शुरू नहीं किया।
  • संबंधित रहवासियों का आरोप है कि 150 निवासियों को समय पर किराया भी नहीं दिया गया है। निवासी लंबे समय रीडेवलपमेंट का इंतजार कर रहे है। निवासी एसआरए के चक्कर लगा रहे हैं। इससे पहले निवासियों ने साल 2023 में भी भूख हड़ताल की थी। उस समय एसआरए ने भरोसा दिलाया या कि अगर डेवलपर ने छह महीने के अंदर काम शुरू नहीं किया, तो प्रोजेक्ट डेवलपर से छीन लिया जाएगा।

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