IIT Bombay Professor Suryanarayana Doola Interrogates: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे के आत्महत्या के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम ने आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से करीब 8 घंटे तक गहन पूछताछ की और उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया।
साहिल के माता-पिता ने मुंबई पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला ने साहिल को प्रताड़ित किया था। इसी आरोप को लेकर मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर डुला से साहिल की मौत से पहले की घटनाओं और उसके साथ हुई बातचीत से जुड़े सवाल पूछे। पूछताछ के दौरान प्रोफेसर डुला ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है।
सूत्रों के मुताबिक, मुंबई क्राइम ब्रांच जल्दी ही अब आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे को समन भेज सकती है और उनका भी बयान दर्ज करेंगी। वहीं, जांच के तहत पुलिस परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है, ताकि साहिल की मौत से पहले की घटनाओं और उसकी गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी जुटाई जा सके। मुंबई क्राइम ब्रांच ने साहिल वाकोडे के माता-पिता और सहपाठियों समेत अब तक 50 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
वहीं दूसरी ओर साहिल वाकोडे के माता-पिता सोनाली वाकोडे और रवींद्र वाकोडे पिछले 6 दिन से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
साहिल के माता-पिता की मुख्य मांग है कि एफआईआर में जिन लोगों के नाम हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। वे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे की गिरफ्तारी और अपने बेटे को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। साहिल के माता-पिता ने कहा कि जब तक मेरी यह मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
इससे पहले पवई पुलिस ने साहिल के पिता रवींद्र की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।
बता दें कि IIT बॉम्बे में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे साल के छात्र साहिल वाकोडे 18 सितंबर की शाम को पवई कैंपस में अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके पाए गए थे। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी।
शुरुआती रिपोर्टों से पता चला था कि साहिल वाकोडे ने परीक्षा का प्रश्न-पत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ChatGPT पर अपलोड करने के लिए अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। हालांकि, बाद में संस्थान ने घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया था।