IIT Bombay Hostel Ceiling Fan Replace With Wall-Mounted Fans: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के दूसरे वर्ष के बी.टेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद कैंपस में तनाव और असंतोष का माहौल बना हुआ है। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले 19 वर्षीय साहिल का शव 18 सितंबर की शाम को पवई स्थित कैंपस के उनके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला था। इस दुखद घटना के बाद संस्थान प्रशासन ने सुरक्षा उपायों के तहत एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है, जिसके तहत हॉस्टल के कमरों से छत वाले पंखों यानी सीलिंग फैन को हटाकर दीवार पर लगने वाले वॉल-माउंटेड फैन को लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
यवतमाल जिले के रहने वाले और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल का शव शुक्रवार शाम पवई कैंपस स्थित उनके हॉस्टल के कमरे में लटका हुआ मिला था। वहीं अब प्रशासन छत वाले पंखों को हटाकर दीवार पर लगने वाले पंखे लगा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, छात्रों की आत्महत्या की हालिया घटनाओं के बाद आईआईटी बॉम्बे हॉस्टल से सीलिंग फैन हटाने की तैयारी कर रहा है। कैंपस के सभी हॉस्टल और अन्य जरूरी जगहों पर वॉल-माउंटेड फैन लगाए जाएंगे। कैंपस में 'नवीनीकरण के काम' के तहत वॉल-माउंटेड फैन की खेप पहुंचने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने आईआईटी बॉम्बे के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा, फैन बदलने से छात्रों की आत्महत्या की समस्या का समाधान नहीं हो सकता। अनीश गावंडे ने सवाल उठाया कि कहा कि इसकी जगह आत्महत्या की रोकथाम तथा मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही।
शरद पवार गुट के नेता अनीश गावंडे ने कहा कि क्या आईआईटी बॉम्बे को सच में लगता है कि सीलिंग फैन की जगह वॉल फैन लगाने से देश भर के आईआईटी में आत्महत्या की समस्या हल हो जाएगी? पिछले 20 सालों में आईआईटी में 117 से ज्यादा छात्रों ने आत्महत्या की है।
बता दें कि जुलाई में IIT बॉम्बे के एक छात्र की आत्महत्या के बाद संस्थान ने फैन बदलने के कदम पर चर्चा की थी और पिछले हफ्ते साहिल की आत्महत्या के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया।
साहिल वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान के मुख्य द्वार के बाहर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की पार्टी आरपीआई (आठवले) और भारत मुक्ति मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन किया। मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता बिना अनुमति मुख्य द्वार के बाहर एकत्र हुए थे। उन्हें वहां से हटाकर एहतियातन हिरासत में लिया गया और पवई पुलिस थाने ले जाया गया। कुछ देर बाद आरपीआई (आठवले) के कार्यकर्ता भी द्वार के पास पहुंचे और वाकोडे के समर्थन में नारे लगाए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने वाकोडे के लिए न्याय और सीएम देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की।