गरबा के लिए भाड़े पर पार्टनर? सोशल मीडिया पर जारी विज्ञापनों से मचा बवाल, क्लिक करने से पहले जान लें यह सच

Garba Partner on Rent: नवरात्रि और गरबा उत्सव से पहले सोशल मीडिया पर 'गरबा पार्टनर ऑन रेंट' के विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस ने इसे महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा खतरा बताया है।
Navratri Garba Partner on Rent Controversy
सोशल मीडिया पर गरबा के लिए भाड़े पर पार्टनर वाले विज्ञापनसोर्स: सोशल मीडिया
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Navratri Garba Partner on Rent Controversy: नवरात्रि के पावन पर्व और गरबा उत्सव में कुछ ही दिन बाकी हैं। देशभर में डांडिया और गरबा नाइट्स की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा ट्रेंड वायरल हो रहा है जिसने सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और विभिन्न डेटिंग ऐप्स पर अनजान लोगों को पैसे देकर 'गरबा पार्टनर' (Garba Partner on Rent) उपलब्ध कराने वाले विज्ञापनों की बाढ़ आ गई है।

ऊपरी तौर पर काफी आकर्षक और आधुनिक दिखने वाले ये ऑफर वास्तव में एक बड़े साइबर स्कैम और सुरक्षा से जुड़े खतरे का जाल हो सकते हैं। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को ऐसे विज्ञापनों से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है।

क्या है गरबा के लिए रेंट पर पार्टनर का मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन विज्ञापनों में महिला, पुरुष, युवाओं और युवतियों को किराए पर गरबा पार्टनर बनाने की पेशकश की जा रही है। कई पोस्ट्स और प्रोफाइल्स में लड़कियों को पार्टनर के रूप में उपलब्ध कराने के लिए 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक के रेट और विशेष नवरात्रि पैकेज का दावा किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों और साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह पूरी तरह से लोगों को झांसे में लेने का एक जरिया है। ऐसे विज्ञापनों के जरिए दो प्रमुख खतरे सामने आ रहे हैं।

  • साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी: इन विज्ञापनों पर संपर्क करने पर यूजर्स को फिशिंग लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर किया जाता है। एडवांस बुकिंग या रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर ऑनलाइन पेमेंट लिया जाता है और पैसे ट्रांसफर होते ही आरोपी गायब हो जाते हैं।

  • सुरक्षा और महिलाओं से जुड़ी धोखाधड़ी: अनजान व्यक्तियों के साथ इस प्रकार का लेन-देन महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इसके जरिए निजी डेटा की चोरी, ब्लैकमेलिंग और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियां होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

राजनीतिक गलियारों में गरमाया मुद्दा, कड़ी कार्रवाई की मांग

इस पूरे मामले पर अब राजनीतिक भी शुरू हो गई हैं। भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने पुलिस को पत्र लिखकर ऐसे सभी विज्ञापनों और सोशल मीडिया पेजों पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।

संजय उपाध्याय ने आरोप लगाया कि नवरात्रि जैसे पवित्र धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के नाम पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डेटिंग ऐप्स के जरिए अश्लीलता और धोखाधड़ी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि ऐसे संदिग्ध खातों, लिंक और इसमें शामिल गिरोहों के खिलाफ साइबर क्राइम एक्ट के तहत सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।

Navratri Garba Partner on Rent Controversy
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पुलिस और साइबर सेल की अपील

पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत ऐप, अज्ञात सोशल मीडिया हैंडल या लुभावने ऑनलाइन पैकेज के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति को कोई अग्रिम राशि न भेजें और न ही अपनी निजी जानकारी साझा करें। यदि किसी को ऐसा कोई संदिग्ध विज्ञापन या लिंक मिलता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।

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