

Ramdas Athawale Garba Controversy In Maharashtra: गरबा में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर छिड़े विवाद के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने साफ कहा है कि सुरक्षा जांच हो सकती है, लेकिन धर्म के आधार पर रोक स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने संविधान, धार्मिक सद्भाव और भाईचारे का हवाला देते हुए कहा कि एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होने से सामाजिक एकता मजबूत होती है।
नवरात्रि से पहले गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर विवाद शुरू हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) की गाइडलाइंस और आयोजनों में प्रवेश को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
आठवले ने कहा कि भारत का संविधान सभी धर्मों के लोगों को अपने त्योहार मनाने का अधिकार देता है। उनके मुताबिक, एक धर्म के लोगों को दूसरे धर्म का सम्मान करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे के धार्मिक कार्यक्रमों में भी शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विवादित मुद्दों के बजाय देश में भाईचारा मजबूत करने की जरूरत है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस की गरबा आयोजनों में आईडी जांच और मुस्लिमों की एंट्री को लेकर की गई टिप्पणी पर भी आठवले ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी आयोजन में सुरक्षा का सवाल है या किसी व्यक्ति के अपराधी होने की आशंका है, तो पुलिस अथवा संबंधित अधिकारी पहचान की जांच कर सकते हैं। हालांकि, केवल धर्म के आधार पर किसी व्यक्ति को प्रवेश से रोकना गलत है।
आठवले ने कहा कि मुस्लिम गरबा में शामिल हों, हिंदू ईद मनाएं या अलग-अलग धर्मों के लोग बुद्ध जयंती साथ मनाएं, तो यह सामाजिक भाईचारे के लिए अच्छी बात है।
अमृता फडणवीस ने गरबा को सर्वसमावेशी उत्सव बताते हुए कहा था कि कोई मुस्लिम व्यक्ति शांतिपूर्वक गरबा में शामिल होकर आनंद लेता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है। उन्होंने बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा के लिए आईडी कार्ड की जांच को उचित बताया, लेकिन धर्म के आधार पर जांच या भेदभाव को सही नहीं माना।
रामदास आठवले ने पंजाब में गुलजार सिंह की जहर खाने से मौत के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नशा पंजाब के लिए गंभीर समस्या है और केंद्र सरकार इसे लेकर प्रयास कर रही है। उन्होंने अपने मंत्रालय के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संगरूर निवासी 50 वर्षीय गुलजार सिंह ने जहर खाया था। उन्होंने कथित तौर पर राज्य में ड्रग्स की समस्या और सरकार की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा था। गुलजार सिंह के आरोपों और मौत से जुड़े पूरे मामले में सामने आए दावों की आधिकारिक जांच और तथ्यात्मक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।