IAS Astik Kumar Pandey Appointment: महाराष्ट्र कैडर के 2011 बैच के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी आस्तिक कुमार पांडे को केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केंद्र सरकार ने उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में निदेशक पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया है।उनकी नियुक्ति केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत पांच वर्षों की अवधि के लिए की गई है और उनका कार्यकाल मई 2026 के मध्य से प्रभावी माना जा रहा है। आस्तिक कुमार पांडे वर्तमान में मुंबई मेट्रोपोलिटियन रोजन डेवलपमेंट अथारिटी (एमएमआरडीए) में संयुक्त महानगर आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं।
इससे पूर्व वे छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपनी प्रभावी प्रशासनिक शैली और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली के लिए व्यापक रूप से चर्चित रहे हैं।
अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों और संस्थानों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे जळगांव जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अकोला एवं बीड के जिलाधिकारी तथा औरंगाबाद स्मार्ट सिटी मिशन के नेतृत्वकर्ता के रूप में उल्लेखनीय कार्य कर चुके हैं।
उनके नेतृत्व में व्हाट्सऐप गवर्नेस स्टार्म मॉनिटरिंग सिस्टम, "प्रोजेक्ट हैप्पी मील", मोर्णा एवं खाम नदी पुनर्जीवन जैसे अभिनव उपक्रमों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। छत्रपति संभाजीनगर में उनके कार्यकाल के दौरान शहरी विकास, ई-गवर्नेस, पर्यावरणीय पुनरुद्धार तथा नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में कई प्रभावशाली निर्णय लिए गए। खाम नदी पुनर्जीवन परियोजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली और इस पहल को वर्ल्ड रिसार्स इंस्टीटयूट द्वारा सम्मानित किया गया।
आस्तिक कुमार पांडे को उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हो चुके है। इनमें भारत सरकार एवं महाराष्ट्र शासन द्वारा 'सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी' पुरस्कार, 'बेस्ट डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर' सम्मान, स्मार्ट सिटी नेतृत्व के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रमुख है। प्रशासनिक हलकों में उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को महाराष्ट्र कैडर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण मान्यता माना जा रहा है।